गढ़वाल विवि की कुलपति की कुर्सी जाना तय! हाईकोर्ट में कुलपति चयन को चुनौती

गढ़वाल विवि की कुलपति की कुर्सी जाना तय! हाईकोर्ट में कुलपति चयन को चुनौती

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति का तख्त हिल चुका है। ऊंची पहुंच के दम पर हे०न०ब०केन्द्रीय गढ़वाल विवि की कुलपति बनी प्रो०अन्नपूर्णा नौटियाल के खिलाफ माहौल गरम हो चला है। अब छात्र आंदोलन के बाद भाजपा के दो बड़े नेताओं का भी अन्नपूर्णा नौटियाल के खिलाफ मोर्चा बंदी करना ये साबित करता है कि नौटियाल के लिए कुलपति की कुर्सी बचाना अब आसान नहीं है।

भाजपा के दो बड़े नेता छात्रों के समर्थन में

सोमवार को गढ़वाल विवि के छात्रसंघ अध्यक्ष की अगुवाई में दर्जनों छात्र नेताओं ने उत्तराखण्ड आंदोलनकारी सम्मान परिषद् के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रविन्द्र जुगरान और भाजपा देहरादून के पूर्व जिलाध्यक्ष व वरिष्ठ भाजपा नेता जितेन्द्र सिंह नेगी से मुलाकात कर गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति को पद से हटाने का आहवान किया।

नियम विरूद्ध नियुक्ति

उधर दोनों भाजपा नेताओं ने भी साफ कर दिया है कि इस मुद्दे पर वह छात्रों के साथ खडे है जिससे साफ है कि अन्नपूर्णा की राहें अब आसान नहीं है। गौरतलब है कि गढ़वाल विवि कुलपति पर आरोप है कि उन्होंने कुलपति पद के चयन हेतु कोई आवेदन ही नहीं किया था। बावजूद इसके उनका चयन होना गढ़वाल विवि कुलपति/कुलसचिव चयन नियम/परिनियम का उल्लंघन है। कुलपति चयन हेतु विवि के एक्ट मे ंवर्णित है कि उक्त पद पर उसी व्यक्ति का चयन किया जाएगा जो व्यक्ति विवि के कुलपति पद के लिए जारी विज्ञप्ति के अनुरूप अपना आवेदन प्रस्तुत करेगा।

डा० निशंक पर जातिवाद का आरोप

छात्र नेताओं ने कुलपति नियुक्त को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की भूमिका पर भी सवाल ख़ड़ा किया है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित रावत का दावा है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डा० रमेश पोखरियाल निशंक ने कुलपति चयन प्रक्रिया में मनमाना फेरबदल कर प्रो० अन्नपूर्णा नौटियाल को नियुक्त किया है। छात्र संगठन ‘जय हो’ ने केन्द्रीय मंत्री डा० निशंक पर जातिवाद और क्षेत्रवाद को बढ़ावा देते हुए ख्यातिप्राप्त शिक्षाविदों के सभी आवेदनों को नजरअंदाज कर प्रो० अन्नपूर्णा को कुलपति नियुक्त किया।

छात्रों की उपेक्षा का आरोप

छात्र संगठन ‘जय हो’ ने प्रो० अन्नपूर्णा नौटियाल पर गंभीर आरोप लगाये हैं। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय में आॅनलाइन चल रही शिक्षकों की भर्ती चयन प्रक्रिया मे खामियों का आरोप लगाया है। उन्होंने विवि की कुुलपति पर छात्रोंकी उपेक्षा करने का सीधा आरोप लगाया।

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