डिजिटल इण्डियाः सर्वर का सवाल, विभाग के पास नहीं कोई जवाब

डिजिटल इण्डियाः सर्वर का सवाल, विभाग के पास नहीं कोई जवाब

देहरादून। प्रदेश में एक ओर जहां राज्य सरकार आम लोगों को सहूलियत देने के लिए डिजिटल इण्डिया के माध्यम से आनलाइन सर्विस मुहैया करने के लिए अभियान चला रही है। तो वहीं दूसरी ओर अधिकारी डिजिटल इण्डिया से कोसो दूर मौज कर रहे हैं। ताजा मामला निबंधक फर्म, सोसाइटी और चिट्स का है। जहां पिछले 25 दिसम्बर से आनलाइन प्रक्रिया ठप्प है। लेकिन प्रदेश के आला अधिकारी टस से मस होने के लिए तैयार नहीं है। आलम यह है कि प्रदेश भर के जिला निबधक फर्म, सोसाइटी और चिट् कार्यालय में पिछले एक महीने से आवेदक चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। जिससे लोगों में विभाग के इस रवैया को लेकर आक्रोश है।

जानकारी के अनुसार उत्तराखण्ड निबंधक फर्म, सोसाइटी और चिट्स कार्यालय की आनलाइन वेबसाइट पिछले 25 दिसम्बर से ठप्प पड़ी है। जिस कारण आवेदक ना तो आनलाइन आवेदन कर पा रहा है और ना ही पूराने आवेदन की स्थिति साफ हो पा रही है। इतना ही नहीं सोसाइटी नवीनीकरण व पार्टनरशिप फर्म का नवीनीकरण न होने के कारण अधिकांश सोसाइटी का पंजीकरण निरस्त हो गया है। जिससे कई बड़ी संस्थाओं को आने वाले समय में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उधर इस मामले पर सम्बन्धित अधिकारी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे है।

मसूरी से पिछले एक महीने में पांच बार फर्म, सोसाइटी और चिट्स कार्यालय देहरादून पहुंचे दिलबर गुंसाई ने बताया कि उनकी संस्था का नवीनीकरण 28 दिसम्बर को समाप्त हो गया है जिसके लिए उनके द्वारा पूर्ण निर्धारित समय पर आनलाइन आवेदन किया गया था लेकिन सोसाइटी की साइट बंद होने से उन्हें कोई जवाब नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था का नवीनीकरण न होने से संस्था में कार्यरत् कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है।

उधर राजपुर रोड निवासी अशोक सेमवाल ने बताया कि उनके द्वारा नवम्बर माह में एक कम्पनी के लिए आनलाइन आवेदन किया गया था, लेकिन साइट चालू ना होने के कारण उनकी कम्पनी पंजीकृत नहीं हो पा रही है। अधिकारी भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। रुद्रप्रयाग निवासी सुधांशु ने बताया कि वह स्वरोजगार योजना के तहत अपना बिजनेस करना चाहते हैं जिसके लिए वह नवम्बर में दिल्ली से अपने गांव आये थे। उनके द्वारा राज्य सरकार की योजना का लाभ लेने के लिए सोसाइटी एक्ट में सोसाइटी का पंजीकरण कराने हेतु दिसम्बर में आवेदन किया गया लेकिन दिसम्बर से साइट बंद होने के कारण उन्हें निराश होकर दिल्ली लौटना पड़ रहा है।


पौड़ी निवासी भरत सिंह ने बताया कि मुख्यालय से तीस किलोमीटर दूर गांव में रहते हैं। उन्होंने सोसाइटी पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। लेकिन विभाग की साइट बंद होने के चलते उनकी पंजीकरण की प्रक्रिया पूरा नहीं हो पा रही है। विभागीय कर्मचारी और अधिकारी इसके लिए सर्वर की समस्या को दोष दे रहे हैं। लेकिन इस समस्या का समाधान कब तक होगा ये बताने को तैयार नहीं है।


यहां आ रही है दिक्कत


दरअसल इंटीग्रेटिड फाइनेशियल मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) व निदेशालय कोषागार, पेंशन एवं हकदारी उत्तराखण्ड सरकार के आधिकारिक साइट के माध्यम से ही निबंधक फर्म, सोसाइटी और चिट्स में आनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। मजेदार बात ये कि इंटीग्रेटिड फाइनेशियल मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) तो ठीक से काम कर रहा है लेकिन इसके मुख्य पृष्ठ पर एक आॅप्शन लाॅग इन टू आईएफएमएस सोसाइटी का दिया गया है। जिसमें क्लिक करने के उपरान्त ही कोई नया आवेदक आवेदन कर सकता है लेकिन यही आॅप्शन पिछले 25 दिसम्बर से काम नहीं कर रहा है। जिससे प्रदेश भर के हजारों आवेदक दर-दर भटक रहे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी

इस सम्बन्ध में जब उपनिबंधक, फर्म, सोसाइटी और चिट्स भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। जबकि पिछले एक महीने से दर्जनों लोग रोज उनके कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
ई-प्रणाली को बेहतर तरीके से संचालन हेतु पूर्व में भी सभी अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। इस सम्बन्ध में मामला संज्ञान में आया है किन परिस्थितियों एक माह से फर्म, सोसाइटी और चिट्स साइट काम नहीं कर पा रही है इसके लिए सम्बन्धित अधिकारियों से सम्पर्क स्थापित कर निस्तारण किया जाएगा साथ ही भविष्य इस तरीके की परेशानी ना हो इसके लिए भी ठोस निर्णय लिया जाएगा।
रविन्द्र दत्त, आईटी सलाहकार, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

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