देहरादून। उत्तराखण्ड ने एडवेंचर टूरिज्म के फलक पर एक बड़ी इबारत लिख दी है। यहां की पहाड़िया, खुला आकाश, और बहती गंगा साहसिक खेलों के लिए मानो बारह महीनों न्यौता देते नजर आते हैं। इसको लेेेकर राज्य सरकार ने साहसिक पर्यटन पर खास फोकस किया है। प्रदेश में 13 जिले 13 डेस्टीनेशन थीम के तहत प्रदेश में नये एडवेंचर के नये डेस्टीनेशन तलाशे जा रहे हैं। उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए त्रिवेन्द्र सरकार ने अलग से एडवेंचर विंग का गठन किया है।

उत्तराखंड साहसिक पर्यटन के लिए खास डेस्टिनेशन है। रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, पर्वतारोहण, ट्रैकिंग, कैंपिंग, माउंटेन बाइकिंग समेत कई साहसिक खेलों के प्रति आकर्षित होकर पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार प्रदेश में साहसिक खेलों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
साहसिक खेलों को लेकर राज्य को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने योगनगरी ऋषिकेश को साहसिक पर्यटन की राजधानी घोषित किया है।

त्रिवेन्द्र सरकार भी गढवाल और कुमाऊं के आठ स्थानों को बड़े डेस्टिीनेशन के रूप विकसित कर रही है। प्रदेश में साहसिक पर्यटन के प्रति अधिक से अधिक पर्यटकों और सैलानियों को आकर्षित करने और बुनियादी ढांचा विकसित करने के उद्देश्य से इस योजना को जमीन पर उतारा जा रहा है। पौड़ी गढ़वाल के नजदीक खैरासैंण एडवेंचर टूरिज्म का बड़ा केन्द्र बन गया है। सरकार 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टीनेशन योजना के तहत खैरासैंण को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित कर रही है। जिससे एक ही जगह पर तमाम साहसिक गतिविधियां आयोजित होने से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। यहां वाटर स्पोर्ट्स में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को तैयार होगे।
यहां नयार नदी में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां होंगी। गांव के आसपास की ढलानदार पहाड़ियों पर माउंटनियरिंग, पैरा ग्लाइडिंग, बंजी जंपिंग, ट्रेकिंग समेत गतिविधियां होगी। नयार नदी में 30 चेक डैम बनाए जा रहे हैं। जिससे वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां पूरे साल पर आयोजित हो सकेगी।
सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मुताबिक आत्मनिर्भर उत्तराखंड में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमने कोशिश की है कि प्रसिद्ध स्थानों तक सीमित रहे पर्यटन को दूसरे क्षेत्रों में ले लाया जाए। प्रत्येक जिले में नए पर्यटन स्थल विकसित करने पर काम किया जा रहा है। इसमें सफलता भी मिल रही है। खैरासैंण एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बनने जा रहा है।

क्याकिंग एंड केनोईंग एसोसिएशन से ताल्लुक रखने वाली शिवानी गुसाई का कहना है कि नयार नदी में क्याकिंग, केनोईंग समेत अन्य वाटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त है। एक ही जगह पर साहसिक पर्यटन की गतिविधियां होने से पौड़ी जिले के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए तैयार किया जाएगा।
अल्मोड़ा के सल्ट में हाल ही पांच दिवसीय मार्चुला एडवेंचर मीट-2021 आयोजित हुआ। इस एडवेंचर मीट में पहुंचे प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि साहसिक खेलों से राज्य को एक नई पहचान मिल रही है। इस तरह के साहसिक खेलों के आयोजनों से प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के साथ पर्यटन में नए आयाम स्थापित होंगे।
