देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जनपद चमोली में हुई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का जायजा लेने और प्रभावितों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पुनः आपदाग्रस्त निकल चुके हैं। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री आपदाग्रस्त क्षेत्र में ही रात्रि प्रवास करेंगे। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं और सरकार प्रभावितों को सुरक्षित बचाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे है। केंद्र सरकार की ओर से भी उत्तराखंड को पूरी मदद मिल रही है।

आपदा की खबर के बाद से मुख्यमंत्री लगातार मोर्चा संभाले हुए है। त्रिवेन्द्र रावत के आपदा प्रबंधन रणनीति की उनके विरोधी भी तारीफ कर रहे हैं। आपदा मे सडक पुल बह जाने के कारण नीति वैली के जिन 13 गांवों से संपर्क टूट गया है उन गांवों में जिला प्रशासन चमोली द्वारा हैलीकॉप्टर के माध्यम से राशन, मेडिकल एवं रोजमर्रा की चीजें पहुंचायी जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जब तक यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था या पुल तैयार नही हो जाता तब तक हैली से यहां पर रसद पहुंचाने का काम जारी रहेगा और जल्द से जल्द क्षेत्र के लोगो की परेशानियां दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। गांवों मे फसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री हैली से भेजी जा रही हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।
