बोले पूर्व सीएम धर्मयुद्ध में हुआ अभिमन्यु का वध, कौरवों का प्रतिकार जरूरी

बोले पूर्व सीएम धर्मयुद्ध में हुआ अभिमन्यु का वध, कौरवों का प्रतिकार जरूरी

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व सीएम और डोईवाला से विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत देहरादून के बालावाला में होली मिलन कार्यक्रम में पहुंचे। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद ये पहला मौका था जहां त्रिवेंद्र ने जनसभा को संबोधित किया।

कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए त्रिवेंद्र नई उमंग और उत्साह के साथ नजर आए। उनके इस भाषण में ना सीएम पद जाने का अफसोस दिखा ना ही कोई मलाल। इसके विपरीत वो उत्साहित दिखे और राज्य हित में काम करने को लेकर अपनी इच्छा जताई।

अभिमन्यु वध से की तुलना
त्रिवेंद्र के सीएम पद से हटने के बाद प्रदेश की जनता को गहरा दुख पहुंचा था। उत्तराखंड वासियों को मलाल रहा कि जिस सीएम ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस रखा उन्हें क्यों नही 5 साल पूरे करने दिए।

इसी को लेकर त्रिवेंद्र ने कहा, “हम पाड़वों के धरती के लोग हैं। जब अभिमन्यु को क्षल से, कपट से कौरवों ने मारा था तब पाडंवों ने उसका बदला लिया था। पाडंवो ने शोक के बचाए कौरवों से प्रतिकार लिया”।

जनता को नही पहुंचाया दुख
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने अपने संबोधन में कहा, “मैं 4 साल सीएम, 5 साल विधायक, राष्ट्रीय सचिव, झारखंड प्रभारी, उत्तर प्रदेश का सह प्रभारी रहा लेकिन कोई भी ऐसा काम नही किया जिससे प्रदेश की जनता को कोई दुख पहुंचा हो”।

त्रिवेंद्र ने राजनीति को काली सुरंग बताते हुए कहा, “मैं कोई भी ऐसा काम नही करुंगा जिससे डोईवाला के लोगों को आंख झुकाकर चलना पड़े। उनका विधायक कोई भी गलत काम नही कर सकता”। उन्होंने कहा मैं आपका हूँ, आपका ही रहूँगा, आपके लिए ही काम करुंगा।
महिलाओं का सम्मान प्राथमिकता

अपने सीएम कार्यकाल के दौरान की गई विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए त्रिवेंद्र ने बताया मेरे निर्णय हमेशा प्रदेश को मजबूत और संपन्न बनाने के लिए थे। चाहे गैरसैंण को राजधानी बनाने को लेकर हो या फिर महिलाओं को समानता देने का।

महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक मजबूती पर त्रिवेंद्र ने कहा, “हमारी सरकार ने महिला स्वंय सहायता समूहों को 5 लाख तक ब्याज मुक्त लोन दिया गया जबकि केरल 2 लाख तक लोन दे रहा है, 2 प्रतिशत ब्याज पर। साथ ही घस्यारी कल्याण योजना से महिलाओं को अब घास के लिए जंगल नही जाना पड़ेगा”।

माताओं, बहनों, बेटियों को सशक्त बनाने को लेकर त्रिवेंद्र ने कहा, “पति की संपत्ति में सह खातेदार से महिलाओं को मजबूती मिली। उन्होंने कहा, समाज के दो पहिये तभी आगे बढ़ेंगे जब मां, बहनें मजबूत होंगी”।

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