बड़ी खबरः अहमद की पगड़ी महमूद के सर! ये उम्मीद है जिस पर दुनिया कायम है, पढ़े पूरी रिपोर्ट

बड़ी खबरः अहमद की पगड़ी महमूद के सर! ये उम्मीद है जिस पर दुनिया कायम है, पढ़े पूरी रिपोर्ट

दिल्ली। सरकार नौजवानों को रोजगार दे या ना दे लेकिन युवाओं की खुशी का पूरा-पूरा ख्याल रखती है। ब़ड़े बुजुर्गों भी कहते कि उम्मीद पर तो दुनिया कायम है। केन्द्र सरकार ने गुरूवार को एक ऐसा ही युवाओं को खुश करने और उम्मीद जगाने वाला बड़ा फैसला लिया है। यह फैसला सालों से गुरूजी बनने का सपने संजाये युवाओं के लिए हैं। सरकार ने ये फैसला शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि की टीईटी को लेकर लिया है। नये फैसले के अनुसार अब टीईटी योग्यता प्रमाण पत्र की वैद्यता बोले तो वैलिडिटी लाइफटाइम रहेगी। इससे पहले टीईटी प्रमाण पत्र की वैद्यता महज सात साल थी।

देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरूवार को इस फैसले का ऐलान किया। शिक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई है कि केन्द्र सरकार के इस कदम से मास्टरजी बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में कारगर साबित होगा। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के 11 फरवरी 2011 के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि राज्य सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का आयोजन करेंगी और टीईटी योग्यता प्रमाणपत्र की वैधता की अवधि परीक्षा पास होने की तिथि से सात वर्ष तक होगी ।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जिन भावी मास्टरजी के प्रमाणपत्र की सात वर्ष की वैलडिटी पूरी हो गई है, उनके बारे में संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रशासन टीईटी की वैधता अवधि का पुनर्निधारण करने या नये टीईटी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा ऐलान करते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी योग्यता प्रमाण पत्र की वैलिडिटी पीरियड यानी वैधता अवधि सात साल से बढ़ाकर आजीवन कर दी है। केन्द्र सरकार ने यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक यह फैसला 10 वर्ष पहले यानी एक जनवरी 2011 से लागू किया गया है। इसका मतलब ये है कि इस अवधि के दौरान जिनका टीईटी अवधि पूरी भी हो चुकी है, वे भी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के पात्र होंगे। अब टीईटी पास करने के बाद बार-बार परीक्षा देने की दरकार नहीं रहेगी। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को कहा है कि वे सात वर्ष की अवधि पूरी कर चुके जनवरी 2011 के बाद के उम्मीदवारों को नए टीईटी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

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