सीएम तीरथ ने की इस्तीफे की पेशकश, संवैधानिक संकट का दिया हवाला

सीएम तीरथ ने की इस्तीफे की पेशकश, संवैधानिक संकट का दिया हवाला

देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के इस्तीफा दिये जाने की खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक तीरथ सिंह रावत ने पार्टी अध्यक्ष जे०पी० नड्डा से अपने इस्तीफा दिये जाने की पेशकश की है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष जे०पी० नड्डा को लिखे पत्र में कहा कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहते हैं।

सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के अनुसार इस्तीफे की वजह संवैधानिक संकट पैदा होना बताया गया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत पिछले तीन दिन से दिल्ली में डेरा जमाये हुए थे। बताया जा रहा था कि मुख्यमंत्री तीरथ प्रदेश में उपचुनाव को लेकर पार्टी हाईकमान के साथ मंत्रणा हेतु दिल्ली गये हैं। तीन दिन के बाद उनके इस्तीफे के पेशकश की खबरें सामने आई हैं।

मिली जानकारी के अनुसार तीरथ सिंह रावत दिल्ली से देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए अपने विशेष विमान से उड़ान भर चुके हैं। सूत्रों की माने तो तीरथ सिंह रावत देहरादून पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। नये मुख्यमंत्री की घोषणा कल विधायक दल की बैठक के बाद लिये जाएगा।

गौरतलब है कि आर्टिकल 164-ए के हिसाब से उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद छह माह में विधानसभा का सदस्य बनना था, लेकिन आर्टिकल 151 कहता हैं अगर विधान सभा चुनाव में एक वर्ष से कम का समय बचता हैं तों वहां पर उप-चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं। जिसके चलते उतराखंड में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया था।

नये मुख्यमंत्री को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। चर्चा है कि भाजपा हाईकमान पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पर दुबारा दांव खेल सकती है। इसके पीछे वजह बतायी जा रही है कि इससे पहली भी भाजपा ने पूर्व सीएम जनरल खण्डूरी को रिपीट किया था। त्रिवेन्द्र रावत संघ से जु़ड़े नेता हैं उन्होंने चार साल निर्विवाद प्रदेश की बागडोर संभाली। उनके कार्यकाल के दौरान ऐतिहासिक विकास कार्य किये। पार्टी के बड़े नेता विभिन्न मंचों में कह चुके हैं कि वे त्रिवेन्द्र के कामकाज को लेकर चुनाव मैदान में उतरेंगे।

वहीं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और राज्य मंत्री धन सिंह रावत, खटीमा के विधायक पुष्कर सिंह धामी भी मुख्यमंत्री की दौड़ में बताये जा रहे हैं। बता दें कि पार्टी हाईकमान ने सतपाल महाराज और धन सिंह रावत को भी दिल्ली बुलाया हैं। हालांकि नये मुख्यमंत्री को लेकर विधायक दल की बैठक के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

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