पूर्व पीएम स्व० राजीव का अपमान करने वालों के खिलाफ कांग्रेसियों ने निकाला कैंडिल मार्च

पूर्व पीएम स्व० राजीव का अपमान करने वालों के खिलाफ कांग्रेसियों ने निकाला कैंडिल मार्च

देहरादून। चुनाव का ऐलान होने के साथ ही सियासी दलों में विरोध और समर्थन को दौर भी शुरू हो चला है। सोमवार शाम प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, राजीव भवन में ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला। यहां सहसपुर के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष गुलफाम जान के अगुवाई में युवाओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा के आगे कैंडिल जलाकर विरोध जताया। इस दौरान युवा कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन भी रखा। इन युवा कार्यकर्ताओं के हाथ हाथ में पर्चे भी थे जिसमें लिखा है ‘राजीव जी हम शर्मिन्दा है आपको अपमानित करने वाले आज पार्टी में सम्मानित है, महत्वपूर्ण है। हमें क्षमा करें।

पूर्व ब्लाक अध्यक्ष गुलफाम जान ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता ऐसे किसी व्यक्ति को पार्टी में बर्दाश्त नहीं करेंगे जिन्होंने कांग्रेस भवन में तोड़ फोड़ कर पूर्व पीएम राजीव गांधी का अपमान किया हो। तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ बयानबाजी की और उन्हें चुनाव हराने में अपनी भूमिका निभाई हो। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यक्ति अब कांग्रेस में आकर टिकट की दावेदारी कर रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का समर्पित कार्यकर्ता इसका विरोध करता है। इसके लिए वे पीसीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने हमारे नेता राजीव गांधी का अपमान किया उसके खिलाफ में पैदल मार्च कर दिल्ली जाकर राहुल गांधी के समक्ष अपनी बात रखेंगे।

दरअसल ये सारा वाकया सहसपुर विधान सभा से जुड़ा है। यहां पर कांग्रेस का एक धड़ा स्थानीय प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारने की वकालत कर रहा है। वहीं यहां से कांग्रेस के कोषाध्यक्ष आयेन्द्र शर्मा भी दावेदारी कर रहे हैं। आर्येन्द्र शर्मा के समर्थकों ने साल 2017 में सहसपुर से टिकट काटे जाने पर कांग्रेस भवन में तोड़-फोड़ की थी। उस दौरान उन्होंने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। गौरतलब है कि साल 2017 में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को कांग्रेस ने सहसपुर से चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें यहां हार का सामना करना पड़ा था। किशोर की इस हार के लिए ये कार्यकर्ता आयेन्द्र शर्मा की बगावत को जिम्मेदार मानते हैं।

सांकेतिक विरोध और कैंडिल मार्च में जितेन्द्र, शाहनवाज़ खान, अरूण, आकाश जोशी, शशि कुमार, रोहित, श्याम सिंह, नितिन जोशी, दीपक रावत, मोहीन, अजय नेगी, उमेद सिंह आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *