इस राजधानी से उस राजधानी तक डग्गामार बसों का बजा डंका, जिम्मेदार बेखबर

इस राजधानी से उस राजधानी तक डग्गामार बसों का बजा डंका, जिम्मेदार बेखबर

देहरादून। राजधानी दिल्ली से राजधानी देहरादून से रोजाना कई डग्गामार बसें पहले भी चलाई जाती थीं। कई बार इनपर कार्यवाही का डंका पीटा जाता है पर परिवहन विभाग को इससे चूना लगना बदस्तूर जारी है। नतीजा परिवहन विभाग के कर्मचारी कई बार इसलिए हड़ताल पर चले जाते हैं कि उनका कई माह का वेतन नहीं मिल सका है। परिवहन विभाग की यही लापरवाही है जो उसे घाटे में लाती है नतीजन खर्चे और वेतन का हमेशा रोना रहता है।

अब डग्गामार बसों पर कार्यवाही कर नकेल कसने की बात तो हर बार कही जाती है पर डग्गामार बस संचालक विभाग से या तो दो हाथ आगे रहते हैं या विभाग से ही उनकी कोई मिलीभगत। यही कारण है कि कार्यवाही होने के बावजूद भी बेख़ौफ़ खुलेआम डग्गामार बसें परिवहन विभाग के नाकों तले दिल्ली और देहरादून के बीच संचालित की जा रहीं हैं।

पहले दिल्ली से देहरादून के लिए डग्गामार बसों का एक बस अड्डा हरिद्वार बाई पास के कारगी चौक के आसपास हुआ करता था। एजेंट आई एस बी टी से सवारी को प्रलोभन दे कर इन बसों से दिल्ली ले जाया करते थे। यहाँ वे नजर में आ जाते थे तो बीच बीच में कार्यवाही भी हो जाती थी। अब उन्होंने इससे बचने के लिए एक नए रूट पर बस संचालित करना शुरू कर दिया है। नए रूट से बसे दिल्ली कश्मीरी गेट बस अड्डे के बाहर से सवारियां उठा कर हरिद्वार होते हुए एयरपोर्ट थानों मार्ग से चल कर महाराणा स्पोर्ट्स स्टेडियम रायपुर तक आती हैं। यहां सारी सवारी उतार कर ये बसें सहस्त्रधारा खड़ी होने जाती हैं। रोजाना 8 से 10 बसें रात को दिल्ली से चल कर सुबह महाराणा प्रताप पहुँच कर परिवहन विभाग को लाखों का चूना लगा रहीं हैं और परिवहन विभाग सोया हुआ है।

डग्गामार बसों में यात्रा के क्या हैं नुकसान

’* ये बसें बस अड्डों से न सवारी उठाती हैं और न बस अड्डे छोड़ती हैं

  • ये बसें सुरक्षित रूट से न चल कर कई बार चेकिंग से बचने के लिए जंगलों और गावों से हो कर आती है
  • यात्रियों से दुर्व्यवहार के लिए अक्सर चालक और परिचालक और संचालक जाने जाते हैं
  • कई बार बस में ac चलने की बात कहते हैं और एक बार किराया भर देने और बस के चलने पर ac बंद हो जाता है। शिकायत पर वे दुर्व्यवहार पर उतारू हो जाते हैं।
  • भोजन या चाय पानी के लिए ये संदिग्ध जगहों पर रुकते हैं जहां न भोजन की गुणवत्ता उचित होती है न दाम।
  • यात्रा से पहले ड्राप कहीं और बता कर कहीं और किया जाता है

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