डीएम ने किया विकास खण्ड पाटी के दूरस्थ गावों का भ्रमण, ग्रामीणों को बागवानी से जोड़ने को दिए निर्देश

डीएम ने किया विकास खण्ड पाटी के दूरस्थ गावों का भ्रमण, ग्रामीणों को बागवानी से जोड़ने को दिए निर्देश

चम्पावत। चम्पावत जिले में औद्यानिक गतिविधियों को बढ़ाए जाने एवं जिले के अधिक से अधिक लोगों को बागवानी से जोड़े जाने हेतु जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

सोमवार को जिलाधिकारी द्वारा जिले के विकास खण्ड-पाटी के विभिन्न दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर क्षेत्र में औद्यानिकी बागवानी तथा फूलों की खेती के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण विकसित की गई नर्सरियों को देखने के साथ ही ग्रामीणों से मिले तथा उनसे औद्यानिकी व बागवानी क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई तथा उन्हें इस क्षेत्र में आगे आने हेतु प्रेरित किया।

भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने विकासखण्ड पाटी के ग्राम वालिक में डंठी तोक में रूप सिंह नेगी द्वारा चार हजार वर्गमीटर में की जा रही लिलियम एवं स्टोमा फूलों की खेती का निरीक्षण कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्य की सराहना की। जिला उद्यान आधिकारी को निर्देश दिए कि फूलों की खेती के नाम पर यह क्षेत्र विकसित हो इस हेतु अन्य ग्रामीणों को भी इस कार्य से जोडें तथा जिला योजना तथा अन्य विभागीय योजनाओं में बजट का प्राविधान रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें।

इस दौरान मुख्य उद्यान अधिकारी टी एन पाण्डेय ने अवगत कराया कि इस वर्ष मार्च में उत्तराखण्ड राजभवन में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी में जिले से वालिक गाँव में उत्पादित लीलीयम के फूलों की भी प्रदर्शनी लगाई गई जिसे राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यहाँ के कास्तकारों द्वारा फूलों को सीधे दिल्ली मंडी भेजा जा रहा है जिससे अच्छा लाभ कास्तकारों को प्राप्त हो रहा है। इस दौरान फूलों की खेती कर रहे गाँव के कास्तकार रूप सिंह नेगी द्वारा अपने अनुभव तथा फूलों के उत्पादन से हो रहे लाभ की जानकारी दी ।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा क्षेत्र के ग्राम सभा गड़सारी में किए जा रहे कीवी उत्पादन का भी स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीण कास्तकारों से वार्ता कर जानकारी लेते हुए अन्य लोगों को भी कीवी उत्पादन को अपनाने हेतु प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिये कि क्षेत्र में कीवी के उत्पादन की संभाव‌नाओं को देखते हुए, सभी इच्छुक कास्तकारों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

इस दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र के बुंगा विरोड़ा गाँव के होली पिपलाटी पहुँचे जहाँ उन्होंने बंजर भूमि में की जा रही स्गंध पौध जिरेनियम रोजमैरी व लैवेंडर फ्लावर की कुल पाँच नरसरी का स्थलीय भ्रमण किया। इस दौरान सहायक परियोजना निदेशक डीआरडीए विम्मी जोशी ने अवगत कराया के राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण योजनान्तर्गत इस क्षेत्र के साथ ही तपनीपाल क्षेत्र की 7 समूहों की 43 महिलाएँ सगंध पौधों की खेती कर रही है।

इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण महिलाओं से इस कार्य के सम्बंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि इस कार्य के साथ साथ व गाँव में मौनपालन का भी कार्य करें। इस हेतु उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को इच्छुक ग्रामीणों को मौन बॉक्स तथा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिला उद्यान अधिकारी टी एन पाण्डेय एपीडी विम्मी जोशी, सहायक विकास अधिकारी उद्यान प्रदीप कुमार पंचोली, खण्ड विकास अधिकारी पाटी सहित अन्य विभागों के अधिकारी काश्तकार व ग्रामीण उपस्थित रहे।

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