भैरव सेना ने उठाई तीर्थ सुधार नियमावली 1924 लागू करने की मांग

भैरव सेना ने उठाई तीर्थ सुधार नियमावली 1924 लागू करने की मांग

देहरादून। भैरव सेना ने गौ-गंगा-गायत्री तथा सनातनी मान बिंदुओं के संरक्षण के लिए तीर्थ सुधार नियमावली 1924 को लागू करने की मांग की है। रविवार को भैरव सेना की जनजागरण बैठक संगठन की प्रदेश अध्यक्षा अनीता थापा की अगुवाई में गढ़ी कैंट में हुई। बैठक में पंचगव्य शुद्धिकरण अभियान यात्रा के सफल आयोजन को लेकर चर्चा की गई।

संगठन के केंद्रीय संदीप खत्री ने बताया की ‘तीर्थ बचाओ अभियान’ के तहत देवभूमि उत्तराखंड से संचालित पंजीकृत संगठन ‘भैरव सेना’ की ओर से पिछले 4 वर्षों से 7 दिवसीय ‘पंचगव्य शुद्धिकरण अभियान’ यात्रा ग्रीष्मकालीन कपाट खुलने से दो सप्ताह पूर्व सम्पन्न की जाती है। जिसके अंतर्गत गौ-गंगा-गायत्री तथा सनातनी मान बिन्दुओं के संरक्षण के विषयगत पंचगव्य आचमन के शासनादेश की अनिवार्यता तथा तीर्थ सुधार नियमावली 1924 को लागू करने की मांग की जा रही है।

संगठन के प्रदेश प्रभारी अनिल थपलियाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा की तीर्थधाम एवं मठ मंदिरों में मर्यादित वस्त्रों में ही प्रवेश की अनुमति हो। देवभूमि तीर्थ क्षेत्र राज्य होने के कारण तीर्थ क्षेत्र में शासन द्वारा श्रद्धालुगणों हेतू सभी मूलभूत व्यवस्थाओं की पूर्ति हो। मंदिर प्रांगण में परम्परागत रूप से संचालन कर रहे राजवंश, पंडा-पुरोहित तथा हक-हकूकधारियों के अधिकारों में हस्तक्षेप ना हो।

संगठन के केंद्रीय सचिव संजय पंवार ने कहा की तीर्थधाम एवम मठ-मंदिरों की भूमियों तथा संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमणों को जो कि राज्य एवम राज्य के बाहर अन्य प्रदेशों में भी है को अल्पकालिक नोटिस पर सख्ती से हटाया जाय। तथा उन संपत्तियों को धार्मिक प्रक्रिया में सर्वजन हितार्थ लाया जाए।

युवा मोर्चा अध्यक्ष करण शर्मा ने कहा कि तीर्थधाम तथा मठ-मंदिरों की आय को धार्मिक गतिविधियों अथवा आवश्यकता पड़ने पर शिक्षा-स्वास्थ्य इत्यादि कार्य में ही खर्च किया जाये।

संगठन की प्रदेश अध्यक्षा अनिता थापा ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के सभी तीर्थधाम एवं मठ मंदिरों में ‘वेटिकन सिटी’ ईसाइयों के मुख्य धार्मिक स्थल तथा ‘मक्का-मदीना’ इस्लाम के अनुसरणकर्ताओं का मुख्य धार्मिक स्थल की तर्ज पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए।यदि अन्य संप्रदाय के सनातन धर्म में आस्थावान व्यक्ति प्रवेश करता भी है तो सर्वप्रथम पंचगव्य आचमन तथा सनातनी मान-बिन्दुओं का पालन करेगा का शपथ-पत्र जारी करने का कानूनी नियम बनाया जाये।

कार्यक्रम में सतीश जोशी, गणेश जोशी, काजल चौहान, सुनीता थापा, रीमा सिंह, गीता हेमंत सकलानी हिमांशु भट्ट समेत तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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