राष्ट्रीय वन अकादमी के 54वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 99 अधिकारी पास आउट हुए

राष्ट्रीय वन अकादमी के 54वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 99 अधिकारी पास आउट हुए

देहरादून। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून से बुधवार को भारतीय वन सेवा के 99 अधिकारी पास आउट हुए। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शिरकत की। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पास आउट हुए आईएफएस के अधिकारियों को संबोधित भी किया। 99 पास आउट होने वाले अधिकारियों में तीन उत्तराखंड से हैं।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय वन सेवा के 2022 बैच के सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस बैच में 10 महिला अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज के प्रगतिशील बदलाव की प्रतीक हैं। राष्ट्रीय वन अकादमी की पर्यावरण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय वन सेवा के अधिकारियों पर जंगलों के संरक्षण, संवर्धन एवं पोषण की जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये अधिकारी अपने इस अप्रतिम दायित्व के प्रति सजग और सचेत होंगे एवं पूर्ण निष्ठा से अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा की हमारी प्राथमिकताएं मानव केंद्रित होने के साथ-साथ प्रकृति केंद्रित भी होनी चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि पृथ्वी की जैव-विविधता एवं प्राकृतिक सुंदरता का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, जिसे हमें अति शीघ्र करना है। वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण और संवर्धन के जरिए मानव जीवन को संकट से बचाया जा सकता है। भारतीय वन सेवा के श्री पी. श्रीनिवास, श्री संजय कुमार सिंह, श्री एस. मणिकन्दन जैसे अधिकारियों ने ड्यूटी के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्राण न्योछावर किए हैं। देश को भारतीय वन सेवा ने बहुत अधिकारी दिये हैं, जिन्होंने पर्यावरण के लिए अतुलनीय कार्य किए हैं। उनकी चर्चा बहुत सम्मान से की जाती है। उन सभी को आप अपना रोल मॉडल बनाएं एवं उनके दिखाए आदर्शों पर आगे बढ़ें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *