देहरादून। धामी सरकार के तीन साल के कार्यकाल को लेकर दर्जामंत्री कैलाश पंत ने सरकार की उपलब्धियों और चुनौतियों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का तीन वर्षों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। खासकर यूसीसी, नकल विरोधी कानून, और सशक्त भू-कानून सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं।
कैलाश पंत ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में सरकार ने मजबूत कदम उठाए है, जो उत्तराखण्ड को देश का पहला ऐसा राज्य बनाने की ओर अग्रसर कर रहा है जहां समान नागरिक संहिता होगी।
इसके अलावा, नकल विरोधी कानूस से उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आई है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने में मदद मिल है। साथ ही सशक्त भू-कानून लागू कर प्रदेश की जमीनों की अनियमित खरीद-फरोख्त को नियंत्रित किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों के हित सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दो को लेकर संकल्पित है और आने वाले समय में ज्वलंत मुद्दों पर फोकस बनाए रखेगी।
कैलाश पंत ने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार जनता के हितों से जुड़े मुद्दो पर और अधिक प्रभावी रूप से कार्य करेगी। बुनियादी ढांचे का विकास, युवाओं को रोजगार, पलायन रोकने के प्रयास और पर्यटन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं से शामिल है। उन्होंने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही और जनता के विश्वास पर खरी उतरने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
चुनौतियां जिनका किया सामना
कैलाश मंत्र ने कहा कि सरकार के समक्ष कई चुनौतियां भी रही हैं। जिनका सामना करने मे ंधामी सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता दिखाई इनमें जोशीमठ आपदा सबसे गंभीर रही, जहां भूमि धंसाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापित करना पड़ा। इसके अलावा सिल्क्यारा सुरंग में 18 दिनों तक फंसे मजदूरों का रेस्क्यू ऑपरेशन सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा थी, जिसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। केदारनाथ आपदा के दौरान भी राहत और बचाव कार्यों में सरकार की तत्परता देखने को मिली।
