देहरादून। उत्तराखण्ड में लागू की गई समान नागरिक संहिता और ऑनलाइन रजिस्ट्री अधिनियम 2025 को लेकर अधिवक्ता समाज में तीव्र असंतोष व्याप्त है। इसको लेकर वकीलों ने मंगलवार को सचिवालय का घेराव किया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि इन कानूनों के कुछ प्रावधान उनके हितों के विरुद्ध हैं और उनके पेशेवर अधिकारों को सीमित करते हैं। इसको लेकर जिला बार एसोसिएशन देहरादून ने 03 जून को राज्य सरकार को पत्र भेजा था, जिसमें कानून के आपत्तिजनक प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की गई थी।
बार काउन्सिल का कहना है कि यदि समय रहते सरकार ने अधिवक्ताओं की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया, तो विरोध को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
