राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मालदेवता, रायपुर ,देहरादून में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा प्रायोजित बौद्धिक संपदा अधिकार श्रृंखला के अंतर्गत “ओपन एक्सेस पब्लिकेशन” विषय पर एक ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में दून विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष आशीष कुमार ने विषय के विभिन्न आयामों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो 0 विनोद प्रकाश अग्रवाल ने किया।
मुख्य वक्ता डॉ. आशीष कुमार ने ओपन एक्सेस पब्लिकेशन के विभिन्न मॉडल गोल्ड, ग्रीन, हाइब्रिड एवं प्लेटिनम/डायमंड ओपन एक्सेस पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि भारत शोध प्रकाशन की संख्या में विश्व में तीसरे स्थान पर है, किंतु उद्धरण और प्रभाव के स्तर पर सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस, शेर्पा रोमियो मॉडल और डायरेक्टरी ऑफ ओपन एक्सेस जर्नल्स की जानकारी देते हुए शोधकर्ताओं को अपने कार्य को सुरक्षित और अधिक सुलभ बनाने के उपाय बताए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद अग्रवाल ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि शोध आज के युग की आवश्यकता है और ओपन एक्सेस पब्लिकेशन जैसे विषयों पर संवाद ही गुणवत्तापूर्ण शोध संस्कृति की नींव रख सकता है।उन्होंने कहा कि मुक्त ज्ञान का प्रसार ही सच्चे अर्थों में शिक्षा और अनुसंधान का लक्ष्य होना चाहिए।
नोडल अधिकारी डॉ. कविता कला एवं सह-नोडल अधिकारी डॉ. डिम्पल भट्ट ने व्याख्यान आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों और शोधार्थियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों और मुक्त शोध प्रकाशन की दिशा में जागरूक करते हैं।
कार्यक्रम में आई.पी.आर. समिति के सदस्य डॉ. सुमन सिंह गुसाईं, डॉ. विनोद शाह . डॉ.श्रुति चौकियाल आदि प्राध्यापक व्याख्यान के दौरान मौजूद रहे। इससे पूर्व डॉ उमा पपनोई ने प्रतिभागियों का स्वागत एवं डॉ अनीता चौहान ने सभी प्रतिभागी एवं उपस्थितजनों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ लीना रावत ने किया।
