उपशीर्षक: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से घरेलू बाजार को मिला समर्थन, सेंसेक्स 1701 अंक चढ़ा तो निफ्टी में भी दिखी बड़ी तेजी।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका लगने के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1701 अंकों तक उछलकर 79 हजार के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी करीब 480 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को महज पांच मिनट के भीतर करीब 7 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण भी 500 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया।

बजाज फाइनेंस और मारुति के शेयरों में जोरदार खरीदारी
गुरुवार को बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स के ज्यादातर शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। बजाज फाइनेंस और मारुति के शेयरों में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। वहीं इंडिगो के शेयर करीब 5 प्रतिशत चढ़े। एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी 4 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि एयरटेल और एनटीपीसी के शेयरों में कमजोरी रही।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई गिरावट भी भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बनी है। ब्रेंट क्रूड करीब 93.5 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे पहले के कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए कीमतों में नरमी राहत देने वाली है। इससे आयात खर्च, महंगाई और व्यापार घाटे पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे दिन खरीदे शेयर
विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भी भारतीय बाजार के प्रति बेहतर होता दिखाई दे रहा है। बुधवार को विदेशी निवेशकों ने करीब 7,284 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा, जब विदेशी निवेशकों ने बाजार में खरीदारी की। उनकी वापसी को घरेलू बाजार में तेजी का एक अहम कारण माना जा रहा है।
अमेरिकी चुनाव के नतीजों का बाजार पर असर
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की दोनों सदनों में जीत को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। वैश्विक टैरिफ नीतियों और मध्य पूर्व में जारी तनाव को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच इन नतीजों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
पांच सत्रों से जारी है घरेलू बाजार की तेजी
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से सुधार का रुख बना हुआ है। बीते पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 5.6 प्रतिशत तक चढ़ चुके हैं। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कंपनियों के बेहतर नतीजों ने बाजार को मजबूती दी है।
अमेरिकी बाजारों में भी दिखी तेजी
अमेरिकी शेयर बाजार में भी चुनावी नतीजों के बाद जोरदार उछाल दर्ज किया गया। डाउ जोंस करीब 3 प्रतिशत चढ़कर 53 हजार के पार बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त रही, जबकि नैस्डैक ने भी शुरुआती गिरावट से उबरकर मजबूती दिखाई। दूसरी ओर एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में तेज गिरावट के चलते सर्किट ब्रेकर लगा, जबकि जापान और ताइवान के बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली।
