अंकित जोशी
उत्तराखंड राज्य के गठन से ही स्कूली शिक्षा में राजकीय शिक्षक की जवाबदेही शिक्षण में तो सुनिश्चित नहीं हो सकी लेकिन गैर शैक्षणिक/शिक्षणेत्तर कार्यों में क्रमोत्तर बढ़ती ही गई । स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए विभागीय अधिकारी कई राज्यों की शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन , कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन तो करते रहे लेकिन इसके बावजूद शिक्षा में सुधार हेतु कुछ मूलभूत अति महत्त्वपूर्ण आवश्यकताओं को नज़रअंदाज़ करते रहे, जैसे –
– स्कूली शिक्षा में विशेष रूप से प्राथमिक स्तर पर बच्चों के शिक्षा में outcomes पर पैनी निगाह रखने का अभाव (Absence of Monitoring Mechanism) ।
– प्राथमिक स्तर पर कक्षावार-विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान ।
– No Detention Policy को implement करते हुए बच्चों की learning ensure करने की परवाह। फेल न करने की नीति और प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की शिक्षा में तेज़ी से गिरावट लगभग साथ-साथ ही चले ।
– विद्यालय के सर्वांगीण विकास और smooth functioning के लिए विद्यालयों में प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापकों की उपयोगिता और महत्ता को नज़रअंदाज़ करना ।
– स्कूली शिक्षा का मजबूत data base विकसित करने में जिससे शैक्षिक निर्णयों में सहायता मिल सके ।
– शिक्षकों को शिक्षण के लिए जवाबदेह बनाने में, जबकि आज स्थिति यह बन चुकी है कि राजकीय शिक्षक, शिक्षण के अतिरिक्त ग़ैर शैक्षणिक कार्यों हेतु अधिक जवाबदेह है ।
– विद्यालय में शिक्षकों के विभागीय डाकों को तैयार करने, data feeding और अन्य ग़ैर शैक्षणिक कार्यों में उलझने से शिक्षण की गुणवत्ता लगातार प्रभावित होती रही ।
– न्यायपूर्ण व पारदर्शी स्थानांतरण और कई वर्षों से एक ही पद पर कार्य करने से शिक्षकों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता रहा जिसका reflection कहीं न कहीं Class room teaching-learning पर पड़ा । कार्मिकों के स्वस्थ mental health के लिए जवाबदेह इतने बड़े Psychological factor को विभाग के नीति नियंताओं ने कभी भी गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए कोई तवज्जो नहीं दी जिसका केवल परिणाम हमारी वर्तमान अव्यवस्थित शिक्षा व्यवस्था का स्वरूप है ।
– शैक्षिक निर्णयों में प्रशासनिक हनक की बहुलता और अकादमिक चिंतन का अभाव, फिर चाहे मामला, सरकारी स्कूलों का हिन्दी-अंग्रेज़ी माध्यम से पठन-पाठन का हो, सीबीएसई और राज्य बोर्ड का हो या शिक्षा से जुड़े अन्य महत्त्वपूर्ण निर्णयों का हो।

