काग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की पूरे प्रदेश में मची होड़ !

काग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने की पूरे प्रदेश में मची होड़ !

देहरादून। उत्तराखण्ड के नेताओं में भाजपा में शामिल होने की होड़ सी मची हुई है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए पूर्व विधायक शैलेन्द्र सिंह रावत रविवार को कांग्रेस का साथ छोड़ भाजपा में शामिल हो गये हैं।
रविवार को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की मौजूदगी में शैलेंद्र रावत ने बीजेपी की सदस्यता ली। शैलेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में कोटद्वार एवं यमकेश्वर विधानसभा से कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल किए।

शैलेंद्र रावत 2007 में कोटद्वार से बीजेपी के विधायक थे। 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खण्डूड़ी को बीजेपी ने कोटद्वार से उम्मीदवार बनाया था, जिसका शैलेंद्र रावत ने विरोध किया और पार्टी से बगावत कर दी। जिसके बाद बीजेपी ने शैलेंद्र रावत को पार्टी से निकाल दिया। 2014 में समीकरण बदले और शैलेंद्र की बीजेपी में वापसी हो गई। इसके बाद 2017 चुनाव में टिकट ना मिलने से नाराज होकर उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली और 2017 और 2022 का चुनाव यमकेश्वर सीट से लड़ा लेकिन दोनों बार हार गए।

इसके अलावा रुद्रप्रयाग के जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवारी को समर्थकों सहित भाजपा में शामिल किया।
घनसाली के विधायक शक्तिलाल शाह के प्रयास पर घनसाली के कई वरिष्ठ कांग्रेसियों को भाजपा में शामिल किया। पुरोला के पूर्व विधायक के प्रयास से पुरोला से कई वरिष्ठ कांग्रेसियों को भाजपा में शामिल किया।
यह ज्वाइनिंग ऐसे दिन पर हुई जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष देहरादून में पहली बार आए हैं। ऐसे दिन पर राज्य के चार विधानसभा क्षेत्र से लोगों का कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होना विपक्षी कांग्रेस में सांगठनिक लिहाज से कई सवाल खड़े करता है।

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