देहरादून। उत्तराखंड की चार धाम यात्रा को शुरू हुए अभी एक सप्ताह हुआ है और एक दर्जन तीर्थयात्री अपनी जान गवां चुके हैं। यमुनोत्री हो या गंगोत्री केदारनाथ हो या बद्रीनाथ यात्रा रूट सभी तरफ लंबे-लंबे जाम लगे हैं। यात्री हल्कान हैं और सरकार बजाय अव्यवस्था को दुरुस्त करने के पत्रकारों पर रिपोर्टिंग करने के जुर्म में मुकदमे कायम किए जा रहे हैं। ये लोकतंत्र में आवाज दबाने की कोशिश है, जिसकी कांग्रेस पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह बात कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने गुरूवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि फरवरी महीने से ही कांग्रेस राज्य सरकार से चार धाम यात्रा की व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने की मांग कर रही थी। उन्होंने कहा कि यात्रा रूटों पर लंबे लंबे जाम लग रहे हैं और अनेक जगहों पर यात्रियों को भोजन पीने के पानी व ठहरने की मुश्किल पेश आ रही हैं।
धस्माना ने कहा कि वनाग्नि के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की लापरवाही पर फटकार लगाई और समय पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम न करने पर भी नाराजगी व्यक्त की। केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा अग्नि बुझाने के उकरणों की खरीद न करने व वन कर्मियों की चुनाव ड्यूटी लगाने पर भी कोर्ट का रुख सख्त था जिस बात को कांग्रेस ने प्रमुखता से उठाया था।
श्री धस्माना ने कहा कि इस सब के बावजूद आज तक राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव से सरकार ने कोई जवाब तलब नहीं किया जो यह दर्शाता है कि राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव, मुख्य सचिव, मंत्री व मुख्यमंत्री सबसे बड़े हैं क्यूंकि आज तक आपदा के इतने ज्वलंत विषय पर उनसे किसी ने कोई सवाल नहीं किया कार्यवाही तो दूर बात ठहरी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता शीश पाल सिंह भी उपस्थित रहे।

