देहरादून। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री स्व. इंदिरा हृदयेश की तीसरी पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंदिरा हृदयेश की पुण्यतिथि को कार्यकर्ताओं द्वारा महिला सम्मान दिवस के रूप में भी मनाया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा हृदयेश के चित्र पर श्रध्दासुमन अर्पित करते हुए राज्य के विकास में उनके योगदान को याद किया।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ जसविन्दर सिंह गोगी ने कहा कि इंदिरा जी का राजनीति में पदार्पण एक शिक्षक नेत्री के रूप में हुआ। सबसे पहले 1974 में उनका निर्वाचन विधान परिषद में हो गया था और कुल चार बार वे विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुईं।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद अंतरिम सरकार के दौरान वे राज्य की प्रथम नेता प्रतिपक्ष रहीं। 2002 में कांग्रेस सरकार बनने पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभालते हुए नवोदित उत्तराखंड राज्य की अवस्थापनात्मक संरचना की मजबूत नींव रखी।
कुल तीन बार वे उत्तराखंड विधान सभा हेतु निर्वाचित हुईं। गोगी ने कहा कि स्व इंदिरा जी प्रखर वक्ता तथा संसदीय नियमों और परंपराओं की गहन जानकार थीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ साथ शिक्षकों के मन में इंदिरा जी के लिए विशेष स्थान है।
इस अवसर पर डॉ अरुण रतूड़ी, देवेंद्र नौटियाल ,ललित भद्री, दिनेश कौशल, सविता थापा, आदर्श सूद, संदीप गोयल, सूरज छेत्री, वीरेंद्र पवार, हुकुम सिंह, हरिंदर बेदी बेदी , अनुराधा तिवारी, चुन्नीलाल ढींगरा, राम बाबू आदि उपस्थित थे।

