देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने एक बयान जारी करते हुए अल्मोड़ा के बिनसर अभयारण्य इलाके में चार वन कर्मचारियों के जिन्दा जलने पर दुःख व्यक्त किया।
प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि कुछ अन्य वन कर्मियों की झुलसने की खबर भी आई है, मैं उनकी शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना के साथ उत्तराखण्ड सरकार से उनके निशुल्क उपचार की मांग करता हूं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जिन्दा जले कर्मचारियों को 10 लाख नहीं बल्कि 25-25 लाख का मुआवजा देने के साथ उनके परिवार से एक व्यक्ति को विभाग में नियुक्त किया जाना चाहिए। ताकि वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई थी परन्तु ज्ञात हुआ है कि आज तक अल्मोडा मेडिकल कॉलेज में बर्न वार्ड है ही नही तो आग से झुलसने वाले कर्मियों का उपचार कैसे होगा?
उन्होंने कहा कि ऐसे ही हाल सभी मेडिकल कॉलेजों एवं अन्य अस्पतालों का है कहीं डाक्टर नही तो कहीं कर्मचारियों की कमी है और कहीं वार्ड नही है कही टेक्नीशियन नही है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का भी प्रदेश में बुरा हाल है।
करन माहरा ने कहा कि वनाग्नि पर काबू पाने के लिए सरकार के पास कोेई भी ठोस कार्ययोजना नही है और ना ही अस्थाई कर्मचारियों के लिए कोई फायर सूट ही है, ना कोई बीमा योजना है। जिससे राज्य सरकार को सेना की मददलेनी पड रही है। इससे साफ जाहिर है कि सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। उन्होंने राज्य की जनता से अपील करते हुए कहा कि हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम स्वयं भी आग को बुझाने में वनकर्मियों की

