केदारनाथ उपचुनाव: पूरी ताकत झोंकने के बाद महज दो हजार की बढ़त ले पाई भाजपा

केदारनाथ उपचुनाव: पूरी ताकत झोंकने के बाद महज दो हजार की बढ़त ले पाई भाजपा

सौरभ गुसाईं 

केदारनाथ इतना दम लगाने के बाद भी केवल 2 हजार की बढ़त ले पाई भाजपा। चौंक गए? केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा ने एड़ी चोटी का जोर लगाया। खुद मुख्यमंत्री फ्रंट फुट पर खेले और धुवांधार चुनाव प्रचार में उतरे। कई प्रकार के सम्मेलन किये और सभी मंत्रियों और विधायकों की ड्यूटी प्रचार के लिए लगा दी। तमाम घोषणाएं कीं और रुद्रप्रयाग जनपद को रिझाने के लिए आचार सहिंता से पूर्व कई योजनाओं की वत्तीय स्वीकृतियाँ करवा डाली। पूर्व में केदारनाथ से चुनाव लड़ने वाले कुलदीप रावत, सुमंत तिवारी और मुख्यमंत्री बनते बनते रहे कर्नल कोठियाल को भी दल में शामिल कर प्रचार करवाया और टिकट की प्रबल दावेदार ऐश्वर्या रावत की नाराजगी को भी शांत किया। भाजपा का संघठन जिसका कोई सानी नहीं जहां केंद्र से सांसद, संगठन मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष,जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष से ले कर पन्ना प्रमुख तक सभी चुनाव प्रचार में दिन रात लगे रहे। अब जब केंद्र से ले कर राज्य में अपनी ही सरकार हो तो भी प्रशानिक मसीनरी का उपयोग भी चुनाव जीतने के लिए भरपूर किया गया। इतना भर नहीं चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी पदाधिकारी की गाड़ी से बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी गई जो शराब से लदी लोडर वाहनों को एस्कॉर्ट कर रही थी। मतलब की शराब भी जम कर बांटी गई, यहां तक कि बाजार में खुसर पुसर में मैंने ये भी सुना कि मतदान की पूर्व संध्या पर पका हुआ मीट भी गाँव गाँव पहुंचा।

थोड़ा जोर और लगाना था क्योंकि दूसरी तरफ कांग्रेस का चुनाव प्रचार भी जोरों पर था और आम तौर पर धड़ों में बंटे हुए कांग्रेसी नेता एक साथ चुनाव प्रचार करते हुए दिखाई दिए। तो फिर एक कमान दी गईं देहरादून के पत्रकारों को, और सरकारी गाड़ी भर भर के उन्हें भी केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में छोड़ा गया और रहने खाने की बढ़िया व्यवस्था की गई। इनमें से तो कई ऐसे थे जिन्होंने चुनाव प्रचार के लिए हजारों वीडियो बनाई पर नोएडा/ दिल्ली उनके आफिस से वो tv पर एक भी नहीं चली तब उन्होंने खाये का कर्ज चुकाने को अपने फ़ेसबुक से ही वो वीडियो चलाईं।

अब देखिए गुणा गणित- वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन प्रत्याशी शैला रानी रावत को मिले 21886 और बीते दोनों हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करा चुकी प्रत्याशी आशा नौटियाल को मिले 23814 वोट मतलब पिछले चुनाव से 1928 ही ज्यादा ला पाए। वहीं कांग्रेस के हाथ इस उपचुनाव में मजबूती के साथ चुनाव लड़ते हुए भी हार हाथ लगी। वर्ष 2022 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्यासी मनोज रावत को 12557 वोट मिले और बीते उपचुनाव में उन्हें 18192 वोट मिले तो इस अनुसार उन्हें 5635 वोट अधिक मिले। पर जीत एक वोट से भी जीत होती है सो आशा जी जीत गईं और मनोज जी हार जाने पर भी अच्छा लड़े।

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