सैन्य परंपरा संग सांस्कृतिक रंगों का संगम
देहरादून। पूर्व सैनिक सिग्नल कोर कल्याणकारी संगठन (गढ़वाल मंडल) द्वारा आयोजित 116वे सिग्नल कोर स्थापना दिवस समारोह में गढ़वाली संस्कृति की जीवंत झलक भी देखने को मिली। पूरा आयोजन देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मंच पर उत्तराखंड की लोकसंस्कृति ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। ढोल-दमाऊ की थाप पर पारंपरिक गढ़वाली लोकनृत्य ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति के दौरान कई पूर्व सैनिक भावुक होते नजर आए और अपने सैन्य जीवन की स्मृतियों में खो गए।
मुख्य अतिथि सैनिक कल्याण विभाग के उप निदेशक कर्नल बिरेन्द्र भट्ट कुमार ने अपने संबोधन में Corps of Signals की आधुनिक संचार प्रणाली और तकनीकी प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने पूर्व सैनिकों को वर्तमान संचार पद्धति से अवगत कराते हुए कहा कि सिग्नल कोर भारतीय सेना की संचार रीढ़ है। विशिष्ट अतिथि सूबेदार मेजर एस.पी. ममगाईं और एल.वी. ठाकुर ने भी संगठन की गतिविधियों की सराहना करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि गढ़वाल मंडल की स्थापना 22 जून 2025 को अध्यक्ष कर्नल जगत सिंह जंतवाल (सेनि) के करकमलों द्वारा की गई थी। संगठन का मुख्य उद्देश्य सिग्नल कोर के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, आश्रित परिवारों तथा युद्ध में दिव्यांग हुए सैनिकों के हितों की रक्षा करना और उनके कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना है। संगठन उत्तराखंड सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर पूर्व सैनिकों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह में आनरेरी कैप्टन डी.पी. बलूनी, आनरेरी कैप्टन एस.पी.एस. नेगी, महेंद्र बमोला, नायब सूबेदार गुरूदेव सिंह, प्रकाश चंद्र चंदोला, शेखर सकलानी, सूबेदार मेजर राजेश कुमार, सूबेदार प्रदीप सिंह राणा, गजेंद्र सिंह राणा, नायब सूबेदार विनोद सिंह नेगी, हरीश चंद्र भट्ट एवं गुरनाम सिंह सहित अनेक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम अध्यक्षता सूबेदार विनोद प्रकाश नैथानी ने की एवं संचालन उपाध्यक्ष आनरेरी कैप्टन दिगम्बर प्रसाद बलूनी एवं महासचिव प्रकाश चंदोला ने संयुक्त रूप से किया।
