उपशीर्षक: वाराणसी खंड स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा 16,984 मतों से आगे, अंतिम परिणाम के लिए दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती का इंतजार
वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने अपनी हार स्वीकार करते हुए मतदाताओं का आभार जताया है। वहीं, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा मतगणना में मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, अंतिम परिणाम घोषित होने तक चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।
आशुतोष सिन्हा ने बनाई 16,984 वोटों की बढ़त
मतगणना के नौवें चक्र तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा को 50,462 मत मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार केदारनाथ सिंह के पक्ष में 33,478 वोट पड़े। इस तरह आशुतोष सिन्हा 16,984 मतों से आगे चल रहे थे। पहली वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद भी जीत के लिए आवश्यक मतों का कोटा पूरा नहीं हो सका। ऐसे में अंतिम नतीजे के लिए दूसरी वरीयता के मतों की गणना की प्रक्रिया अपनाई गई।
केदारनाथ सिंह ने मतदाताओं का जताया आभार
भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना संदेश साझा करते हुए जनादेश को स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने चुनाव में समर्थन देने वाले मतदाताओं, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत और हार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता परिणाम से प्रभावित नहीं होगी। उनके इस संदेश के बाद वाराणसी स्नातक सीट पर भाजपा की संभावित हार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
शिक्षक सीट पर भी सपा ने दर्ज की जीत
वाराणसी में भाजपा के लिए चुनौती इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि इससे पहले वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की थी। अब स्नातक सीट पर भी आशुतोष सिन्हा की मजबूत बढ़त ने क्षेत्र में सपा की स्थिति को चर्चा में ला दिया है। इन परिणामों को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, विधान परिषद चुनाव के नतीजों के आधार पर विधानसभा चुनाव के परिणामों का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
मतगणना में देरी से बढ़ी राजनीतिक हलचल
वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना 27 अक्टूबर से जारी थी। गिनती के दौरान प्रक्रिया को लेकर भाजपा पक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने और दोबारा मतगणना की मांग की खबरें भी सामने आईं। इन घटनाक्रमों के कारण परिणाम आने में देरी हुई। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य मतगणना से अलग वरीयता आधारित प्रक्रिया अपनाई जाती है। यदि पहली पसंद के मतों से कोई उम्मीदवार निर्धारित कोटा हासिल नहीं करता, तो नियमों के अनुसार अगली वरीयताओं के मतों की गणना की जाती है। फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों में आशुतोष सिन्हा की बढ़त काफी मजबूत दिखाई दी। अंतिम परिणाम और आधिकारिक घोषणा के बाद ही सीट पर जीत की औपचारिक पुष्टि होनी थी।
