उपशीर्षक: गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को अवैध कब्जे हटाने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
गोरखपुर। जमीन पर अवैध कब्जे और भूमाफिया की शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर जबरन कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में अवैध कब्जे हटवाने के साथ आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
करीब 200 लोगों की सुनीं समस्याएं
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने लगभग 200 फरियादियों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ उसका समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और हर मामले का तय समयसीमा में निस्तारण हो।
भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जमीन से जुड़े विवादों पर मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गरीबों, व्यापारियों और आम नागरिकों की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। ऐसे मामलों में जांच कर कब्जा हटवाया जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
सपा पर भी साधा निशाना
इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में माफिया और जमीन पर कब्जा करने वालों को संरक्षण मिला। उन्होंने कहा कि गरीबों और कारोबारियों की जमीनों पर कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं।
गोरखपुर में विकास परियोजनाओं को भी मिली गति
इससे पहले मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में करीब 495 करोड़ रुपये की लागत से गोडधोइया नाला परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण किया था। इसके साथ ही दूसरे चरण और सीवरेज से जुड़ी करीब 880 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
