उपशीर्षक: कोटद्वार के सनेह मल्ली गांव में आठ साल की बच्ची पर गुलदार का हमला, बच्ची को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जा रहा था गुलदार; अस्पताल में भर्ती
कोटद्वार। पौड़ी जिले के कोटद्वार में एक मां ने अपनी बहादुरी और हिम्मत से बेटी को गुलदार का निवाला बनने से बचा लिया। सनेह मल्ली गांव में मंगलवार शाम घर के आंगन में मौजूद आठ साल की बच्ची पर अचानक गुलदार ने हमला कर दिया। हमले के बाद गुलदार बच्ची को जबड़े में दबाकर जंगल की तरफ ले जाने लगा। बेटी को गुलदार के कब्जे में देख मां नीलम देवी ने हिम्मत नहीं हारी और उसे बचाने के लिए शिकारी के पीछे दौड़ पड़ीं। करीब आधा किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उन्होंने बच्ची को गुलदार के जबड़े से छुड़ा लिया।
जंगल की ओर भागते गुलदार का नहीं छोड़ा पीछा
घटना के दौरान मां नीलम देवी ने अपनी जान की परवाह किए बिना बेटी को बचाने का प्रयास किया। गुलदार बच्ची को लेकर जंगल की ओर बढ़ रहा था, लेकिन मां लगातार शोर मचाते हुए उसके पीछे दौड़ती रहीं। आखिरकार उनकी कोशिश रंग लाई और वह बच्ची को गुलदार के चंगुल से निकालने में सफल हो गईं। हालांकि, इस हमले में बच्ची के गले और पैर में चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद उसे राजकीय बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। मां की सूझबूझ और साहस के चलते बच्ची की जान बच गई।
सनेह पट्टी में पहले भी हो चुके हैं गुलदार के हमले
कोटद्वार का सनेह पट्टी क्षेत्र पिछले कुछ समय से गुलदार की सक्रियता के कारण चर्चा में है। लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के इस इलाके में बीते कुछ महीनों में गुलदार के हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके चलते ग्रामीणों में लगातार डर बना हुआ है। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में गश्त और निगरानी किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन हमलों की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है। लोगों ने वन विभाग से संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और गुलदार की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
लगातार हो रहे वन्यजीव हमलों ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
