देहरादून। चुनाव आयोग ने अल्मोड़ा जिले की सल्ट विधान सभा की तारीख घोषित कर दी है। चुनाव आयोग के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक 30 मार्च की नामांकन की तिथि रख गई है। 17 अप्रैल को यहां मतदान होना है। ये उप चुनाव उत्तराखण्ड के नये सीएम तीरथ सिंह रावत के लिए पहली परीक्षा होगी। इसे पहले पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कार्यकाल के दौरान हुए उपचुनाव में त्रिवेन्द्र अल्मोड़ा और थराली उपचुनाव में फतह पाने में कामयाब रहे हैं।
सल्ट उपचुनाव की घोषणा के बाद यहां चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्ताधारी दल बीजेपी इस उप चुनाव में जीत हासिल करने के लिए हर संभव कोशिश में लगी है। वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सामने भी सल्ट उप चुनाव भी एक बड़ी चुनौती है। सत्ता में वापसी के लिए जूझ रहे कांग्रेस के नेता बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर लगातार सत्तारुढ़ भाजपा को घेरने में लगी है। वहीं प्रदेश में हाल ही हुए नेतृत्व परिवर्तन को भी कांग्रेस ने मुद्दा बनाया है। कांग्रेस नेता हरीश रावत कहते हैं कि भाजपा ने सत्ता में रहने का नैतिक आधार खो दिया है।

वहीं पक्ष विपक्ष के नेता चुनाव को लेकर तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हें। हाल में कांग्रेस के बड़े नेता किशोर उपाध्याय ने सल्ट उपचुनाव में उम्मीदवार को लेकर अपने सोशल मीडिया हैंडिल के जरिये बयान दिया हैं कि सल्ट उपचुनाव में बीजेपी से तीरथ सिंह रावत और कांग्रेस से हरीश रावत को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए। किशोर उपाध्याय का ये बयान सोशल मीडिया मेंसुर्खियां बटोर रहा है।
वहीं भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि सल्ट उपचुनाव में बीजेपी भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी। कांग्रेस के बड़े नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि सल्ट विधान सभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। उम्मीदवार के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही सल्ट के लिए उम्मीदवार घोषित करेंगे।
