डीएम ने चेताया, वनाग्नि के लिए जिम्मेदार के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

डीएम ने चेताया, वनाग्नि के लिए जिम्मेदार के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

नई टिहरी। वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं पर काबू पाने के लिए जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला वनाग्नि सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।

उन्होंने कहा कि जंगलों में आग के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ आपदा/वन अधिनियम तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने आग लगाने वाले व्यक्ति की साक्ष्यों के साथ पहचान बताने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपए पुरुस्कार दिए जाने की भी बात कही। वहीं वनाग्नि पर काबू पाने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले फायर वाचर्स, ग्राम प्रहरियों, व्यक्तियों, समूहों, कर्मचारियों को फायर सीजन की समाप्ति पर डीएफओ की संस्तुति के आधार पर प्रशस्ति पत्र भेंट किये जाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार के निर्देशों के तहत वन विभाग को आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए 25 लाख एवं जागरूकता कार्यक्रमों व कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए 10 लाख रुपए की धनराशि आवंटित की जा रही है जबकि पुलिस विभाग को आवश्यक उपकरणों हेतु 25 लाख रुपए की धनराशि आवंटित की जा रही है।

जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे थाना व तहसील क्षेत्रांर्गत वनाग्नि स्थल का अनिवार्य निरीक्षण कर आग लगाने वाले व्यक्ति की जांच पड़ताल के साथ-साथ ही पुलिस विभाग के अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर निरंतर पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने वनाग्नि के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्राम विकास अधिकारियों की उपस्थिति में ग्राम पंचायत स्तर पर गोष्ठियों का आयोजन किया जाए। वहीं उपजिलाधिकारियों को ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वनाग्नि जागरूकता संदेश के वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किए जाने के निर्देश दिए है।

पुलिस फायर सर्विस के अधिकारी खजान सिंह तोमर ने बताया कि जिला मुख्यालय एवं आसपास फायर वाटर टैंकर में पानी भरने की समुचित व्यवस्था नहीं है जिस कारण वनाग्नि भुझाने के दौरान टैंकर में पानी भरने के लिए आवश्यक दौड़भाग में समय जाया होता है।

जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे पॉइंट जहां पर 5 लाख के अंतर्गत मरम्मत का कार्य किया जाना संभव है के प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है साथ ही टैंकर में पानी भरे जाने वाले स्थानों पर 24 घंटे कार्मिकों की तैनाती के भी निर्देश दिए है।

बैठक में डीएफओ ने कहा कि पैट्रोल पम्पो, गैस गोदामो व आवासीय भवनों गौशालाओ आदि के आसपास कम से कम 10 मीटर की फायर लाइन होना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधितो एवं आमजन से घर के आसपास झाड़ियों, घास-भूसा आदि की साफ-सफाई करने की अपील की। उन्होंने वनों के आसपास या वनों से सटे हुए धार्मिक स्थलों के पास मोटर मार्गों पर वाहनों को एक साथ खड़ा करने से बचने की भी हिदायत दी है।

बैठक में सीडीओ अभिषेक रुहेला, डीएफओ टिहरी डेम वन प्रभाग, एसडीएम संदीप तिवारी, डीईओ बैसिक एसएस बिष्ट, ईई विद्युत राजेश कुमार, डीपीओ बबीता शाह, डीडीएमओ बृजेश भट्ट, लोनिवि, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता व अन्य क्षेत्रीय अधिकारी भी वीसी के माध्यम से उपस्थित थे।

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