देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने गुरूवार को नंदप्रयाग घाट क्षेत्र की सड़क को डेढ़ लेन करने की घोषणा की है। सीएम तीरथ ने इस पर त्वरित कार्रवाई के लिए वित्त, नियोजन व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि जनता की इस मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक मुन्नी देवी शाह ने उन्हें पूरी वस्तुस्थिति के साथ ही क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। सीएम ने कहा कि जन समस्याओं को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। नंदप्रयाग घाट मोटर मार्ग को डेढ़ लेन करने की ग्रामीणों की मांग जायज है।
घाट नंदप्रयाग की के चैड़ीकरण की मांग को लेकर स्थानीय लोग लम्बे समय से आंदोलनरत् हैं। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल तक किया। मानव श्रृखला बना सत्ताधीशो तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। लम्बे समय से आंदोलन छेड़े स्थानीय आंदोलनकारियों को हाल ही में बजट सत्र के दौरान पुलिस की लाठियों का सामना भी करना पड़ा।
नंदप्रयाग-घाट की इस 19 किलोमीटर लम्बी रोड के चैड़ीकरण की घोषणा पूर्व सीएम हरीश रावत ने की थी। इसके बाद 14 सितम्बर 2017 को पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस सड़क के चैड़ीकरण की दुबारा घोषणा की।
घोषणा के साथ त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस सड़क के चैड़ीकरण और डामरीकरण के लिए 1करोड़ 28 लाख 44 हजार की वित्तीय स्वीकृत भी दी थी। लेकिन तकरीबन ढाई साल बीत जाने के बाद भी इस रोड़ के चैड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो पाया। इस बीच प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया और प्रदेश में तीरथ सिंह रावत नये मुख्यमंत्री बन गये।
जानकारों के मुताबिक इस रोड़ के चैडीकरण में प्रदेश सरकार के पीसीयू के मानक आड़े आ रहे हैं। पीसीयू के मानक के अनुसार जिन सड़कों में दैनिक 3000 से कम वाहनों की आवाजाही है। उनका सिंगल लेन से डेढ़ लेन में चैड़ीकरण नहीं किया जा सकता है। इसी प्रकार जिन सड़कों पर 8 हजार वाहनों से कम की आवाजाही है उसे डबल लेन में नहीं किया जायेगा।
19 किलोमीटर की नंदप्रयाग-घाट सड़क को लेकर तीरथ समेत तीन मुख्यमंत्रियों ने अब तक घोषणा कर दी है। सीएम तीरथ की इस ताजी घोषणा से स्थानीय लोगों और आंदोलनकारियों में सड़क के चैड़ीकरण को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। अब देखने वाली बात ये होगी कि सीएम तीरथ पीसीयू के नियमों को तब्दील कर इस सड़क के चैडीकरण को लेकर क्या कदम उठाते है। या फिर पर्ववर्ती मुखियाओं की तरह ये घोषणा भी हवाई साबित होती है।
