आमजन तक नहीं पहुंच रही है सरकार की योजनायें, धरातल पर शत प्रतिशत क्रियान्वित हो योजनायें..

आमजन तक नहीं पहुंच रही है सरकार की योजनायें, धरातल पर शत प्रतिशत क्रियान्वित हो योजनायें..

जनपद चमोली के बाद राज्य ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की सदस्य के रूप में मेरे द्वारा जनपद रूद्रप्रयाग में पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा संचालिय योजनाओं की समीक्षा बैठक ली गयी। उक्त बैठक में मेरे द्वारा सभी विभागों को अवगत कराया गया की पलायन को रोकने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है, जो भी योजनाएं सरकार संचालित कर रही है उन सभी योजनाओं को धरातल पर शत प्रतिशत क्रियान्वयन हो, इसके लिए संम्बंधित विभाग पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करें।

मैंने इस बात पर नाराजगी जताई कि ग्रामीण जनता तक सरकार की योजनाओं की पूरी और स्पष्ट जानकारी नहीं पहुंच पा रही है और इसी के चलते योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षानुसार परिणाम सामने नहीं आ रहे है।

विकास भवन सभागार में पलायन सम्बंधित बैठक लेते हुए मेरे द्वारा पलायन से जुडे सभी विभागों की फील्ड रिपोर्ट की पूरी जानकारी ली गयी। जिसके सम्बंध में सभी अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी। पलायन आयोग की रिपोर्ट के तहत पहाडी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की वजह से सबसे अधिक पलायन हुआ है, जिसके चलते पहाडों में पलायन सबसे गंभीर समस्या बन गई है। सरकार की शत प्रतिशत कोशिश है कि पलायन को पूर्ण रूप से रोका जाय, जिसमें अभी तक बेहतर परिणाम भी सामने आए है। परंतु हम सबकी जिम्मेदारी है कि पलायन को पूरी तरह रोका जाय और इसके लिए सरकार की योजनाओं का धरातल पर पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ क्रियान्वयन होना जरूरी है।

कोविड के दौरान जो प्रवासी अपने घरों को लौटे है और रोजगार करना चाहते है, उन्हें अधिक से अधिक संख्या में स्वरोजगार से जोडना हमारा लक्ष्य है। आरसेटी के जरिए रूद्रप्रयाग जिले के विभिन्न क्षे़त्रों में स्वरोजगार प्रशिक्षण दिए जा रहे है और इसके बेहतर परिणाम भी देखे जा रहे है। खासकर महिलाएं काफी संख्या में स्वरोजगार प्रशिक्षण लेकर अपना स्वरोजगार चला रही है। जिससे उनकी और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कई अधिकतर बेहतर हुई है।

मेरे द्वारा मत्स्य, पर्यटन, सहकारिता, महिला विकास, उद्यान सहित सभी सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में शत प्रतिशत उपलब्धित हासिल करें ताकि पलायन रूकने के लिए साथ ही पहाडों में प्रत्येक परिवार की आर्थिक स्थति मजबूत हो सके। इस दौरान बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों के न आने पर बेहद नाराजगी जताई गयी। इस मौके पर मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा, एपीडी रमेश चन्द्र, वरिष्ठ पत्रकार रमेश पहाडी सहित सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

(पलायन आयोग की सदस्य रंजना रावत नेगी की फेसबुक वाल से साभार)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *