
नई टिहरी। प्रदेश में नौजवान डिप्लोमा फार्मासिस्ट सालों से बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट की भर्ती के लिए अब आंदोलन ही उनको आखिरी रास्ता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग में डिप्लोमा फार्मासिस्ट की भर्ती समेत 14 सूत्री मांग को लेकर बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट 19 अगस्त से बड़े आंदोलन की तैयारी में है। प्रदेश में विभिन्न जिलों से बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट आंदोलन को सफल बनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
इस क्रम में प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट(एलो) महासंघ टिहरी इकाई के अध्यक्ष लववीर सिंह चौहान ने जिले के समस्त प्रशिक्षित डिप्लोमों को वर्चुअली सम्बोधित किया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को अपनी 14 सूत्री मांगों को लेकर 19 अगस्त की रैली को सफल बनाने के लिए आहावान किया।

महासंघ के टिहरी इकाई के मीडिया प्रभारी हरि प्रकाश सेनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि महासंघ अपनी मांगों को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फार्मासिस्ट की नियुक्ति उपकेन्द्र के स्तर पर हो। उन्होंने कहा कि उपकेन्द्र स्तर पर फार्मासिस्ट की नियुक्ति होने से ग्रामीण क्षेत्रों को सही तरीके से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल पायेगा। उन्होंने कहा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का ये हाल कि कोई भी डाक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने को राजी नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण क्षेत्रों में कोई स्वास्थ्य सुविधाओं को संभाल सकता है तो वे केवल फार्मासिस्ट ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में थोड़ा बहुत जो भी स्वास्थ्य सुविधाओं मुहैया हो रही वे भी केवल फार्मासिस्ट के भरोसे ही हो रही है। सरकार को इस बात को भली भांति समझना होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर तैनात फार्मासिस्टों को कोरोना वारियर्स का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित कर रही है वहीं दूसरी ओर सालों से उपकेन्द्रों में खाली पड़े फार्मासिस्टों के पदों को भरने में आनाकानी कर रही है। ऐसे समय मे जब विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर की बात कर रहे हैं फार्मासिस्टों की भर्ती को लेकर सरकार की उपेक्षा समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि सालों से फार्मासिस्ट के खाली पदों पर भर्ती की मांग को लेकर महासंघ ने आंदोलन का मन बना लिया है। और 19 अगस्त से बेरोजगार फार्मासिस्ट देहरादून में बड़ी रैली करेगा।
