बद्रीनाथ के रावल ने घंटाकर्ण नव मंदिर का शुभारंभ किया

बद्रीनाथ के रावल ने घंटाकर्ण नव मंदिर का शुभारंभ किया

कीर्तिनगर। कीर्तिनगर के लोस्तु घंडियालधार के प्रसिद्ध पौराणिक घंटाकर्ण मंदिर के नवनिर्मित मंदिर का शुभारंभ और शुद्धिकरण श्री बद्रीनाथ धाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी ने किया। शुद्धिकरण के मौके पर श्रीनगर सहित बड़ी संख्या में कीर्तिनगर, देवप्रयाग क्षेत्र के लोग भगवान घंटाकर्ण के दर्शन को पहुंचे थे। घंटाकर्ण देवता के पश्वा ने लोगों को प्रसाद और आशीष दिया।

बद्रीनाथ धाम से घंटाकर्ण मंदिर स्थल पहुंचे बद्रीनाथ रावल ईश्वरी प्रसाद नम्बूदरी ने क्षेत्रवासियों द्वारा घंटाकर्ण मंदिर को भव्य बनाने की सराहना की और कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास में सभी लोग आगे रहे तो आध्यात्मिक रूप से संसार मजबूत होगा। उन्होंने जनता को अपना आशीष देते हुए कहा कि घंटाकर्ण देवता क्षेत्र के लोगों को खुशहाल रखे और समृद्धि दे ऐसी कामना वह देवता से करते हैं। घंटाकर्ण मंदिर पहुंचने पर क्षेत्रीय लोगों एवं घंटाकर्ण मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। चौरास, तेगड़ और घंडियालधार में रावल का भव्य स्वागत किया गया।

विधायक विनोद कंडारी ने बद्रीनाथ धाम के रावल के साथ मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हुए आशीष लिया। मंदिर समिति के अध्यक्ष सते सिंह भंडारी, दिनेश जोशी ने बद्रीनाथ के रावल को अभिनंदन पत्र सौंपा। यहां से बद्रीनाथ के रावल देहरादून के लिए रवाना हुए। मंदिर प्रागण में पूजा-अर्चना के बाद घंटाकर्ण देवता के साथ अन्य देवताओं के पश्वा द्वारा देव नृत्य किया गया।

इस मौके पर धर्माधिकारी भुवन चन्द्र उनियाल, देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यधिकारी बीडी सिंह, किलकिलेश्वर मंदिर के महंत सुखदेव पुरी, बद्रीश पंडा पंचायत के राजेश पालीवाल, सुधाकर बाबुलकर, अशोक, रविन्द्र नाथ भट्ट, बद्रीनाथ के उप धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, पश्वा सोबन सिंह कैंतुरा, ललित बर्त्वाल, मदनलाल डंगवाल, सांकेतानंद शास्त्री, पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, डॉ. प्रताप भंडारी, अनिल स्वामी, ओम प्रकाश गोदियाल, शूरवीर लिंगवाल, सूरज घिल्डियाल, डॉ. उत्तम भंडारी, समीर रतूड़ी, उत्तम असवाल, रामेश्वर बर्त्वाल, राकेश बर्त्वाल, रघुवीर भंडारी, दरम्यान सिंह भंडारी, सूरवीर लिंगवाल, राकेश बिष्ट, आनंद भंडारी, दीपक उनियाल, देवराघवेन्द्र बद्री, सरोप सिंह मेहरा, दर्शन भंडारी आदि मौजूद थे।

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