रिपब्लिक डेस्क। रविवार को पुलिस ने पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य समेत 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मीडिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुलबिंदर सिंह किंदा के समर्थक मुख्तार सिंह ने पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, नैनीताल के पूर्व विधायक संजीव आर्य, पूर्व दर्जाधारी हरेन्द्र सिंह लाडी समेत 24 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
शनिवार को यशपाल आर्य और पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा के समर्थकों की बीच झडप का मामला सामने आया था। जिसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कुलबिंदर सिंह किंदा और उनके 13 समर्थकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई।
पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने मीडिया में बयान दिया है कि विरोधी गुट ने जान से मारने की नीयत से उन पर हमला किया। ये हमला उस वक्त हुआ जब शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य बाजपुर में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे थे। उनके साथ उनके बेटे और पूर्व विधायक नैनीताल संजीव आर्य समेत उनके समर्थक भी थे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व जिला पंचायत सदस्यों के बीच इस झड़प ने प्रदेश में सियासी रंग ले लिया है। रविवार को कांग्रेसियों ने देहरादून सीएम आवास पर प्रदर्शन किया। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि यशपाल आर्य की जान को खतरा हो सकता है लिहाजा उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाय। और हमलावरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यशपाल आर्य पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया है जिसमें सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायक इसमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमलावरों को खनन माफिया का भी साथ मिला हुआ है।
वहीं हल्द्वानी पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदेश सह-चुनाव प्रभारी सरदार आर०पी० सिंह ने यशपाल आर्य पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा यह हाल कांग्रेस के आपसी सिर फुटौव्वल के चलते हैं। आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि जहां बिना नीति के जब नेता इकट्ठे होते हैं और बिना नीति के जब दल बदलते हैं तो इस तरह की घटनाएं होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो भी आरोप बीजेपी पर लगा रही है, वह पूरी तरह से निराधार है। यशपाल आर्य के कार्यक्रम में कांग्रेस के लोगों ने ही घटना को अंजाम दिया।
उघर रविवार को डीआईजी नीलेश आनंद भरणे बाजपुर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जायेगा। डीआईजी नीलेश आनंद भरणे का की मामले की तफ्तीश जारी है। दोषी पाए जानेे पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

