कीर्तिनगर। प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और सरकारी मुलाजिमों की मिलीभगत के चलते विकास कार्यो में पलीता लग रहा है। प्रदेश सरकार तरक्की के कितने ही उजले आंकड़े पेश करें लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ऐसा ही एक वाकिया सामने आया है कीर्तिनगर ब्लाक के तहत पारकोट में, जहां गांव को सार्वजनिक रास्तों को रोशन करने के लिए सोलर स्ट्रीट लाइट बांटी गई थी। लेकिन गांव के प्रधान ने ये स्ट्रीट लाइटें अपने चहेतों को घरों में लगवा दी है।
गांव के जागरूक नागरिक जगदीश कुमार बताते हैं कि ब्लाक से गांव के लिए 11 सोलर स्ट्रीट लाइटें दी गई। ये सोलर स्ट्रीट लाइटे गांव के सार्वजनिक स्थानों में लगाई जानी थी। लेकिन गांव के प्रधान ने विभाग से मिलीभगत करके इन स्ट्रीट लाइटों को अपने चाहेतों में बांट दिया है।
जगदीश कुमार बताते हैं कि गांव में सार्वजनिक रास्तों में हमेशा घनघोर अंधेरा छाया रहता है। और वन क्षेत्र होने के चलते यहां जंगली जानवरों का भय हमेशा रहता है। उन्होंने कहा कि गांव के रास्तों में तो अंधेरा हैं लेकिन प्रधान के करीबियों के घर सोलर लाइटों से जगमगा रहे हैं।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से भी इस सम्बन्ध में बातचीत की लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। लिहाजा थकहार उन्होंने विकासखण्ड अधिकारी कीर्तिनगर को शिकायत की है। लेकिन बावजूद इसके अभी तक इस दिशा में ब्लाक के अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की है। प्रधान और सम्बन्धित विभाग की बेरूखी से ग्रामीणों में भारी रोष है।

