नरेन्द्र सिंह की रिपोर्ट
कीर्तिनगर। टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के हिसरियाखाल क्षेत्र के नौली(नौसिला) गांव निवासी व पैराशूट रेजीमेंट की 21वीं बटालियन के पैराट्रूपर जवान गौतम लाल पुत्र रमेश लाल के शहीद होने पर पूरे हिंसरियाखाल क्षेत्र में गमगीन माहौल बना हुआ है। गौतम की मां, पिता व भाई-बहनों सहित अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। सोमवार को दिन भर परिजन एवं क्षेत्र के लोग शहीद के पार्थिव शरीर के इंतजार में टकटकी लगाए रखे। लेकिन परिजनों को अपराह्न बाद तक जौलीग्रांट व मंगलवार को ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की सूचना मिली।
गालैंड में हुए हमले में गौतम की शहादत की खबर मिलने पर उनके गांव से लेकर पूरे व क्षेत्र में शोक की लहर है। गौतम 2018 में पैराशूट रेजीमेंट की 21वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। पांच भाइयों में गौतम सबसे छोटे हैं। जबकि उनकी तीन बहने भी हैं। गांव के निकट ही राइंका हिंसरियाखाल से इंटर तक उनके सहपाठी रहे दोस्तों सहित स्कूल के शिक्षक इस घटना से आहत हैं। उन्हें गौतम की शहादत पर गर्व तो है, लेकिन कभी न लौटने का मलाल भी है।
गौतम के पिता रमेश व भाई सुरेश का कहना है कि गौतम 29 अक्तूबर को छुट्टी खत्म होने पर घर से वापस लौटा था। उसने जनवरी में फिर छुट्टी आने की बात कही थी। तीन दिसंबर को उसने फोन पर बात कर बताया कि वह कहीं जा रहा है, फिर बात करेंगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले वह अपनी बहन की शादी में गत मई माह में घर आए था और 15-16 जून को वापस चला गया था।

