शिक्षक नेता सोहन सिंह मांजिला उतर सकते है चुनावी मैदान में, पढ़े पूरी रपट

शिक्षक नेता सोहन सिंह मांजिला उतर सकते है चुनावी मैदान में, पढ़े पूरी रपट

देहरादून। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री डा० सोहन सिंह मांजिला के सक्रिय राजनीति में उतरने की खबरें हैं। इन दिनों डा० मांजिला शिक्षक काण्डा क्षेत्र में सामाजिक कार्यों में खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में उनकी बढ़ती सक्रियता से उनके कपकोट विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरने के कायस लगाये जा रहे हैं।

जब क्षेत्र में उनकी सक्रियता के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे हमेशा सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेते रहते हैं। वे काण्डा क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। और वे यहां के सामाजिक कार्यों में हमेशा हिस्सा लेते रहते हैं। अब सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेने के मायने राजनीति में उतरना है तो लोग इसके अपने मायने निकाल सकते हैं। हालांकि वे साफ कहते हैं की सक्रिय राजनीति में उतरने की उनकी इच्छा है। बड़े-बड़े नौकरशाह, शिक्षक भी सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने के लिए राजनीति में आये हैं।

डा० मांजिला बताते हैं कि छात्र जीवन से राजनीति में हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से छात्र जीवन से उनका जुड़ाव रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के साथ वे वैयक्तिक सहायक के तौर पर भी काम कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि काण्डा क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। प्रदेश में तुलनात्क दृष्टि से देखें तो विकास के काम तो हुए हैं लेकिन काण्डा क्षेत्र अभी भी पिछड़ा हुआ है। ये बात उन्हें सालती रहती है। वे बताते हैं कि काण्डा विधान सभा का कपकोट में विलय होने के बाद यह क्षेत्र काफी उर्पेिक्षत हैं। काण्डा किमसार क्षेत्र की ही बात करें तो यह क्षेत्र शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे सुविधाओं से भी वंचित है। स्वास्थ्य की ही बात कर ले तो यहां के अस्पताल में अल्ट्रासाउण्ड तक की भी सुविधा नहीं है। काण्डा इण्टर कालेज की ही बात करें तो यहां पर साइंस विषय नहीं और बच्चों को साइंस पढ़ने के लिए कपकोट जाना पड़ता। डिग्री कालेज एनसीसी नहीं है, अंग्रेजी विषय नहीं है। ऐसी बहुत से विकास के काम है जिन्हें आसानी से किये जा सकते थे लेकिन अभी तक नहीं हो पाये हैं। क्षेत्र की जनता पिछले 10 साल से मोबाइल टावर की मांग कर रही है लेकिन अभी तक यहां टावर नहीं लग पाया है। सड़क-बिजली-पानी जैसे बुनियादी समस्याएं मुंह बाये खड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लगातार उपेक्षा के चलते काण्डा कनसार के लोगों में काफी आक्रोश में हैं। यहां पर विकास के कई मुद्दे हैं। लेकिन इन मुद्दों को उठाने के लिए एक व्यक्ति चाहिए जो सरकार तक उनकी बात को पहुंचा सके। और इन मुद्दों को उठाने के लिए काण्डा क्षेत्र में एक नेता चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र की जनता चाहेगी तो वे चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।

डा० मांजिला से पूछा गया कि वे किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे? क्या वे बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगे? उन्होंने कहा कि भाजपा में टिकट के दावेदारों की एक लम्बी फेहरिस्त हैं। ये सभी नेता पूर्णकालिक राजनीति में है। और टिकट मांगना उनका हक भी बनता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता चाहेगी तो दल मायने नहीं रखता। लेकिन ये सब इस पर निर्भर करता है कि क्षेत्र की जनता क्या चाहती है। और वे अपना नेतृत्व किसी सौंपती है।

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