देहरादून। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। राज्य सरकार पर लगातार आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष ऑनलाइन व मोबाइल ऐप इ-विजल तथा फ़ैक्स से अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में राज्य सरकार पर आचार संहिता उल्लंघन के कई आरोप लगाए। उन्होंने कई विभागों में नियुक्तियों, आबकारी, पदोन्नति समेत कई बिंदु उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति, राज्य बाल आयोग, राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति, आबकारी विभाग में अधिकारियों के स्थानांतरण एवं शराब के ठेके, शिक्षा विभाग में शिक्षकों भारी नियुक्ति व स्थानांतरण, सहकारिता विभाग में नियुक्ति व स्थानांतरण आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले व संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव सम्पन्न कराने हेतु चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाए। उत्तराखंड राज्य चुनाव 2022 की तिथियां चुनाव आयोग ने घोषित कर दी हैं। उत्तराखंड राज्य के चुनाव को स्वतंत्र व निष्पक्ष कराने हेतु आयोग द्वारा जारी की गई आदर्श आचार संहिता का राज्य सरकार लगातार उलंघन कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने आदर्श आचार संहिता का उलंघन करते हुए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति में अध्यक्ष व अन्य सदस्यों की नियुक्ति की है। ये नियुक्ति आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद कि गयी है। चुनाव आयोग समस्त दस्तावेज अपने कब्जे में ले व स्वंतंत्र निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु उपरोक्त समस्त नियुक्तियां रद करते हुए संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्याे से विमुक्त रखा जाए।राज्य बाल आयोग में भी अध्यक्ष व सदस्यगणों की नियुक्ति रद्दा की जाए व संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्याे से विमुक्त रखा जाए।
राज्य आबकारी आयुक्त को भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए स्थानान्तरित किया गया है। यही नहीं आचार संहिता लागू होने के बाद आबकारी संबंधित व्यापारिक समझौते व टेंडर आदि निर्गत किये गए। कांग्रेस ने मांग की है कि आबकारी आयुक्त का स्थानांतरण को रद्द करते हुए उनके द्वारा किए गए आदेशो को भी रद्द करते हुए समस्त दस्तावेज चुनाव आयोग अपने कब्जे में ले।
शिक्षा विभाग मे शिक्षक, कर्मचारियों की भारी नियुक्तियां आदर्श आचार संहिता का उलंघन करते हुए की गई है। सहकारिता विभाग मे भी भारी मात्रा में नियुक्तियां की गई गयी है चुनाव आयोग सभी नियुक्तियों व स्थानांतरण को रद्द करते हुए संबंधित अधिकारियों को चुनाव चुनाव कार्याे से विमुक्त रखा जाये व समस्त दस्तावेजो को अपने कब्जे में ले।
ऊर्जा विभाग में भी नियुक्तियां, स्थानांतरण व पदोनोति भी आदर्श आचार संहिता का उलंघन की गई है समस्त नियुक्तियों, स्थानांतरण व पदानोति को रद्द करते हुए चुनाव आयोग समस्त दस्तावेजो को अपने कब्जे में ले व संभंधित अधिकारियों में चुनाव कार्याे से विमुक्त रखा जाय।
वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार इलेक्शन कमीशन के आदेश की अवहेलना कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद आबकारी विभाग में निकाला गये आदेश में करोड़ो रूपये का खेल हुआ है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने आचार संहिता को ताक पर रखकर आबकारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सहकारिता विभाग में चहेतों को पोस्टिंग दी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में खुले तौर पर छुट्टी के दिन 600 से ज्यादा तबादला आदेश जारी किए गए।
प्रेस वार्ता में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग को आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद नियुक्तियां करना उचित नही है। कांग्रेस ने इलेक्शन कमीशन से दर्जाधारियो के मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।
