‘पराक्रम महोत्सवः मेजर जनरल बख्शी ने कहा युवा जागृत होंगे तभी देश मजबूत होगा

‘पराक्रम महोत्सवः मेजर जनरल बख्शी ने कहा युवा जागृत होंगे तभी देश मजबूत होगा

देहरादून। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में देश के युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्णं है। यदि युवा जागृत होंगे, स्वावलम्बी होंगे तो वे राष्ट्रनिर्माता की भूमिका में अहम योगदान दे सकेंगे। और यदि राष्ट्र मजबूत व आत्मनिर्भर होगा तो आप और हम आजादी की हवा में सांस ले पाएंगे। ये बात आज की तारीख में इसलिए भी याद दिलाना जरूरी है कि पड़ोसी मुल्क और कुछ देश भारत की तरक्की से परेशान है। विश्व पटल पर भारत को महाशक्ति के रूप में देखा जा रहा हैै। भारत का ऐसा विराट स्वरूप कुछ देशों की पेशानी पर बल डाल रहा है। इसलिए युवाओं को अपनी भूमिका समझनी है। युवा जो इस राष्ट्र का भविष्य हैं उन्हें सावधान व सचेत रहने की जरूरत है। ये बात सेवानिवृत मेजर जनरल जी०डी० बख्शी ने श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में “पराक्रम महोत्सव“ के दौरान युवाओं से रूबरू होते हुए कही।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं ने पराक्रम महोत्सव के माध्यम से सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती पर प्रकाश डाला व उनके जीवन से जुड़े अमूल्य संस्करणांे पर विचारों का आदान प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सुभाष चन्द्र बोस जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में देश भक्ति का सुरूर चढ़ा रहा। भारत की सेना, सुरक्षा व शौर्यगाथाओं पर भारत माता की जय के जयकारों की धूम रही।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मेजर जनरल सेवानिवृत्त जी०डी० बख्शी (सेना मेडल, विशिष्ट सेना मेडल) व विश्वविद्यालय के कुलपति डा० यू०एस०रावत ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों के उद्देश्य से लाई गई नई शिक्षा नीति की समीक्षा की। कुलपति ने विश्वविद्यालय की ओर से आधुनिक शिक्षा, शोध एवम् अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की ओर से किये जा रहे कार्यों की ओर मुख्य अतिथि का ध्यान आकर्षित करवाया। जी०डी० बख्शी ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता संग्राम में सुभाष चन्द्र बोस जी की भूमिका व योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला।

सेवानिवृत मेजर जनरल एवम् रक्षा विशेषज्ञ डॉ० जी०डी० बख्शी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि चीन और पाकिस्तान शांत बैठने वाले पड़ोसी नहीं हैं, उन्हें जब जब मौका मिलेगा, वे भारत की शांति व्यवस्था को चोट पहुंचाने के लिए साजिशंे रचेंगे। एक ओर पाकिस्तान पंजाब और कश्मीर पर प्रभाव डाल रहा है दूसरी ओर चीन छदम यु़द्ध करके भारत की आर्थिक व्यवस्था पर चोट कर रहा है। सभी जानते हैं कि कोरोना का जनक वुहान (चीन) है। परोक्ष युद्ध करके पड़ोसी को कैसे कमजोर किया जाता है इसमें चीन को महारथ हासिल है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि सशक्त आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्णं है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए ऐसे प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये जाने चाहिए जिससे उनमें राष्ट्र सेवा के प्रति जागृति आए, युवा स्वावलंबी बनें, युवा भविष्य के राष्ट्रनिर्माता बनें। उन्होंने दोहराया कि आज की तारीख में आप भूल जाइए कि बाहरी आक्रमण होने पर कोई आपको प्रत्यक्ष सहायता करने आएगा। आपको अपना महत्व व अपनी भूमिका खुद सुनिश्चित करनी होगी। अपनी सरहदों की हिफाज़त व देश की हिफाजत के लिए अपना खुद का मजबूत तंत्र हमेशा तैयार रखना होगा। सैन्य शक्ति जितनी मजबूत होगी राष्ट्र की सरहदों की हिफाजत उतनी ही मुस्तैद होगी। देश में परिस्थितियां चाहे अनुकूल हों या प्रतिकूल राष्ट्रनिर्माण का कार्य निरंतर जारी रखना है। युवाओं को यह अनुभव लेना है कि इन सबके बीच भारत को कैसे महफूज रखना है, कैसे सुरक्षित रखना है क्योंकि यह आपकी मेरी हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ० दीपक साहनी, विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ० आर०पी०सिंह, डॉ० मालविका कांडपाल, कार्यक्रम के आयोजन समन्वयक डॉ० विपुल जैन, डॉ० दिव्या नेगी घई, विश्वविद्यालय के सभी विभागों के संकायाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ सदस्य व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

अमर शहीद चित्रेश बिष्ट व अमर शहीद विभूति शंकर ढाैंडियाल को किया याद

अमर शहीद चित्रेश बिष्ट व अमर शहीद विभूति शंकर ढाैंडियाल की अमर शहादत को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय परिवार की ओर भावपूर्णं श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम के के दौरान देश के दोनों वीर सपूतांे के बहुमूल्य योगदान को याद किया गया। सेवानिवृत मेजर जनरल एवम् रक्षा विशेषज्ञ सेवानिवृत मेजर जनरल जी०डी० बख्शी ने चित्रेश बिष्ट की माता श्रीमती रेखा बिष्ट व पिता श्री एस०एस० बिष्ट व विभूति शंकरढाैंडियाल के जीजा लेफ्टिनेंट कर्नल विकास नौटियाल को श्री दरबार साहिब का स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

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