बाल संरक्षण आयोग ने दिया शिक्षा विभाग के दो अफसरों को नोटिस

बाल संरक्षण आयोग ने दिया शिक्षा विभाग के दो अफसरों को नोटिस

देहरादून। बालकों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत लॉटरी प्रक्रिया में शासनादेश के उल्लंघन के मामले में उत्तराखण्ड बाल संरक्षण आयोग ने शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इस संबंध में 20 जुलाई तक जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

आयोग की ओर से महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को जारी नोटिस में कहा गया है कि अधिनियम के तहत अपवंचित और कमजोर वर्ग के 25 प्रतिशत बच्चों को कक्षा आठ तक सरकार की ओर से निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष शिक्षा विभाग की ओर से आवेदन मांगे जाते हैं। आवेदन की प्रक्रिया के बाद छात्रों के एडमिशन के लिए लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाती है। लेकिन इस लाटरी प्रक्रिया में छात्रों के अभिभावकों को शामिल नहीं किया जा रहा है।

जो एक्ट के तहत जारी सरकार के शासनदेश का उल्लंघन है। इसके तहत लॉटरी प्रक्रिया में बच्चों के माता-पिता को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए। लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से इस शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इस मामले में मोहम्मद आशिक की ओर से 7 मई को उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

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