श्रीनगर (गढ़वाल)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढवाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० अन्नपूर्णा नौटियाल के दिशा निर्देशन में ग्रामीण महिलाओं में बागवानी के प्रति रुचि एवं प्रदेश में बागवानी के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ काश्तकारों की आजीविका वृद्धि हेतु सोमवार को उद्यानिकी विभाग, कृषि एवं संबद्ध विज्ञान संकाय चौरास परिसर द्वारा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखंड सरकार की एच०एम०ई०एच० परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कीर्तिनगर विकासखंड के विभिन्न ग्रामों की 60 से अधिक ग्रामीण महिला काश्तकारों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि प्रति कुलपति प्रो आर० सी० भट्ट द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।प्रोफेसर आर० सी० भट्ट ने काश्तकारों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्यानिकी विभाग बागवानी के क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं को बागवानी की नवीनतम विधियों का समय-समय पर प्रशिक्षण देगा जिससे काश्तकार अपनी आजीविका में वृद्धि कर पाएंगे।
शोध विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो० एम०सी० नौटियाल ने उद्यान विभाग द्वारा काश्तकारों के हित में चलाए जा रहे प्रसार कार्यों की प्रशंसा करते हुए राज्य के समग्र कृषि विकास के लिए एकजुटता के साथ काम करने के पर जोर दिया।
संकायाध्यक्ष प्रो० जे०एस० चौहान ने अवगत कराया कि कृषि एवं संबद्ध संकाय के सभी शिक्षक एवं वैज्ञानिक देश एवं प्रदेश में कृषि की खुशबू फैलाने और सबसे महत्वपूर्ण रूप से कृषक समुदाय को मजबूत बनाने के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
उद्यानिकी विभागाध्यक्ष डॉ० डी० के० राणा ने सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों को विभाग की गतिविधियों से अवगत कराते हुए भविष्य में शैक्षणिक शोध एवं प्रसार गतिविधियों का समन्वय बनाए रखने का आश्वासन दिया।
कार्यशाला संयोजक एवं सहायक प्रोफेसर डॉ० तेजपाल सिंह बिष्ट द्वारा काश्तकारों को उद्यान विभाग के शोध प्रक्षेत्र में वैज्ञानिक बागवानी तकनीकियों एवं विभिन्न नवीनतम विधियों का प्रदर्शन दिखाया गया। साथ ही साथ उन्हें बागवानी केंद्रीत एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने का सुझाव दिया ताकि प्रत्येक काश्तकार प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी क अपने खेत में अपना सके।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया एवं काश्तकारों को उच्च गुणवत्ता के बीज एवं शोभाकार पौधे एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यशाला में विभागाध्यक्ष, वानिकी एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग प्रो० ए०के० नेगी, विभागाध्यक्ष ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग प्रो० आर०एस० नेगी, एवं संकाय सदस्य प्रो० डी०एस० चौहान, डॉ० बी०पी० चमोला, डॉ० मुनीष कुमार, डॉ० के०एन० शाह, डॉ० विवेक, डॉ० तनुजा, सन्त कुमार, शील बायोटेक से आये अधिकारियों एवं उद्यानिकी विभाग के शोधार्थी ने भी प्रतिभाग किया।

