अंकिता भंडारी केसः जांच के बाद एसआईटी ने जोड़ी आईपीसी की धारा 354ए

अंकिता भंडारी केसः जांच के बाद एसआईटी ने जोड़ी आईपीसी की धारा 354ए

एसआईटी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच लगभग पूरी कर ली है। अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड को लेकर उत्तराखंड में काफी आक्रोश है। लोग इस मामले में आरोपियों की फांसी की मांग कर रहे हैं। वहीं एसआईटी प्रमुख डीआईजी पी० रेणुका ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ पूरी कर उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। हमने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य फॉरेंसिक लैब भेज दिए हैं। साथ ही केस में आईपीसी धारा 354ए और धारा 5 को जोड़ा गया और आगे की जांच जारी है।

चर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है। इस हत्याकांड ने पूरी देवभूमि को हिला कर रख दिया और लोगों में आरोपियों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश हैं। सरकार ने इस केस की जांच के लिए अलग से एसआईटी का गठन किया है।

सेक्शन 354 A को भी जानिए

यौन उत्पीड़न पर सुनवाई और उसके लिए सजा का प्रावधान सेक्शन 354 A के तहत होती है।
1.अगर कोई शख्स ऐसी कोई हरकत करता है
(i) महिला को बिना उसकी अनुमति के छूता है, उसके स्पर्श में सेक्सुअल प्रस्ताव शामिल हो।
(ii) सेक्सुअल फेवर की मांग करना।
(iii) किसी महिला की मर्जी के खिलाफ पोर्नोग्राफी दिखाना।
(iv) सेक्सुअल टिप्पणी करना
2. ऐसा करने वाला शख्स यौन उत्पीड़न का दोषी माना जाएगा। ऐसे में अगर कोई शख्स क्लॉज (i) और क्लॉज (ii) या क्लॉज (iii) के अपराध का दोषी पाया जाता है तो उसे सख्त कारावास की सजा सुनाई जा सकती है, जो अधिकतम 3 साल के लिए बढ़ाई जा सकती है, या जुर्माना लगाया जा सकता है या दोनों लगाया जा सकता है।
अगर कोई शख्स सेक्शन 1. के सब सेक्शन (iv) के तहत कोई अपराध करता है तो उसे सजा सुनाई जा सकती है, जो अधिकत एक साल तक की हो सकती है। या जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर दोनों हो सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *