देहरादून। एक तरफ जहां किसान कृषि से सम्बन्धित तीन कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहा हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तराखण्ड की त्रिवेन्द्र सरकार किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने 3 लाख तक ब्याजमुक्त लोन देने का वायदा किया था। शनिवार को त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपना वायदा पूरा करते हुए दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 25 हजार किसानों को तकरीबन तीन अरब रूपए के ऋण वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग-दर्शन में स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को धरातल पर उतारने का काम आज हुआ है, जिस पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के किसान किसी के बगरलाने में नहीं आए। हमें अपने किसानों पर गर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी विचित्र संयोग है कि आज एक तरफ जहां राज्य में 25 हजार किसानों को ब्याज मुक्त ऋण वितरित किया जा रहा है तो लोकसभा में नए कृषि कानूनों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के विरोध में कुछ राज्यों में चक्का जाम की भी घोषणा की गई है लेकिन यह समझने वाली बात है कि जो लोग चक्का जाम कर रहे हैं, वह किसान हैं भी या नहीं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धीरे-धीरे यह साफ हो गया है कि किसानों को कुछ विदेशी ताकतें बरगलाने का काम कर रही हैं।
