देहरादून। उत्तराखण्ड में धधकते जंगलों के बीच सल्ट उपचुनाव की बयार भी चल रही है। राजनीतिक दल, क्षेत्र में गांव-गांव, घर-घर जाकर अपने प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे हैं। सियासी दलों के सल्ट को लेकर अपने दावे और वायदे हैं। कोई भी सियासी दल चुनाव प्रचार में पीछे नहीं रहना चाहता। लेकिन सल्ट में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीेजेपी में है।
कांग्रेस ने गंगा पंचोली को चुनाव मैदान में उतारा है। वे विधानसभा 2017 में रनर अप रही थी। जानकार बताते है कि गंगा पंचोली पूर्व सीएम और कांग्रेस के बड़े नेता हरीश रावत की पंसदीदा उम्मीदवार हैं। वहीं सत्ताधारी बीेजेपी ने स्व० विधायक सुरेन्द्र जीना के भाई महेश जीना को चुनाव मैदान में उतारा है।
सियासी जानकार बताते हैं कि बीजेपी ने ‘सिम्पेथी कार्ड’ चलाकर महेश जीना को मैदान में उतारा है। इससे पहले राज्य में हुए दो उपचुनाव में ‘सिम्पैथी कार्ड’ के बदौलत बीजेपी ने विजयी पताका फहरायी है।
कांग्रेस हो या बीजेपी कोई भी सियासी दल जीत को सुनिश्चित करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। दोनों ही दलों के स्टार प्रचारकों की फौज मैदान में उतर गई है। और अपने-अपने उम्मीदवार के समर्थन में वोट डालने की अपील कर रहे हैं। एक ओर जहां सत्ताधारी दल डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों को लेकर घर-घर पहंच रही है। वहीं कांग्रेस बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य, शिक्षा के मुद्दो पर भाजपा सरकार की नाकामी को गिना रही है।
इसी बीच कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भाजपा की सिम्पैथी कार्ड के सामने अपने अंदाज में नया सिम्पैथी कार्ड का पत्ता फेंका है। गौरतलब है कि पूर्व सीएम हरीश रावत कोरोना से ग्रसित हैं और दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवार गंगा पंचोली के समर्थन में मतदान करने की मार्मिक अपील की है।
#सल्ट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती #गंगा_पंचोली जी के समर्थन में #क्षेत्रवासियों से “#अपील“”जिन्दगी के दिन गिने नहीं जाते हैं,संघर्ष के दिन अवश्य गिने जा रहे हैं।।” एम्स (अस्पताल) के अति संघर्षपूर्ण क्षण में मेरे सम्मुख चुनौतियाँ केवल स्वस्थ होने की नहीं हैं, अपितु अपने गाँव के निकट *दो गंगाओं* को विजयी देखने की भी है। गंगारूपी कांग्रेस की जीत वर्ष 2022 के चुनावों के लिये अमृतधारा है, मेरे गाँव घर की बेटी *”गंगा”* की विजय, उत्तराखंड की महिला शक्ति संघर्ष की जीत होगी, भाजपाई धनशक्ति के ऊपर पहाड़ों की गरिमा की जीत होगी। *दोस्तों, मैं इन दोनों संघर्षो में जीतूँगा, आपके आर्शीवाद, कुलदेवता व माँ के प्रसाद से जीतूँगा।*मेरी एक बहन, बेटी के कंठ स्वर *हरदा हमारो-आलो दुबारा*……मेरे आत्मबल को त्रिगुणित कर रहा है। *मेरी आँखों में आंसू हैं कि संघर्ष के इन कठिन क्षणों में मैं आपके पास नही हूँ।* पार्टी का राष्ट्रीय व स्थानीय नेतृत्व एकांगी युद्ध में है। मैंने सन् 1969 से आपका साथ थामा, यह साथ यदि टूटता है *तो मेरे लिये मौत सरिखा होगा।* *जय सल्ट, जय उत्तराखंड* आपका, (हरीश रावत)

अब इस अपील का स्थानीय मतदाताओं पर क्या असर पड़ेगा? ये चुनाव नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा। लेकिन इतना तो जरूर है कि हरदा ने भाजपा के सिम्पैथी कार्ड का जवाब अपने अंदाज में दे दिया है।
