देहरादून। पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत की कोरोना के खिलाफ लड़ाई की पहल पर प्रदेश सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है। त्रिवेन्द्र रावत ने बीते 25 अपै्रल को अपनी विधायक निधि से मुख्यमंत्री राहत कोष में विधायक निधि से एक करोड़ देने का ऐलान किया था। उनकी इस पहल पर अमल करते प्रदेश सरकार ने सभी विधायकों को अपने विधान सभा क्षेत्र में एक करोड़ रुपये तक कोविड सम्बन्धी काम कराने की छूट प्रदान की है।
शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने प्रदेश सरकार के इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी विधायक अपने क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से कोविड सम्बन्धी कार्य करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की सूदूरवर्ती इलाकों को इससे फायदा पहुंचेगा।
पूर्व सीएम और डोईवाला विधायक त्रिवेन्द्र सिंह रावत हमेशा से ही कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में कड़े कदम उठाने के हिमायती रहे हैं। विभिन्न मंचों पर वे इसको लेकर अपनी बात भी रख चुके हैं। प्रदेश में बढ़ते कोविड संक्रमण के केसों को देखते हुए उनका साफतौर पर कहना है कि अगर हम आज नहीं जागे तो कल कि स्थिति भयावह हो सकती है। अपनी साफगोई वाले अंदाज में त्रिवेन्द्र रावत का कहते है कि आज की सख्ती कल हमें सुख का वातावरण देगी और आज की ढिलाई कल कष्ट ही कष्ट। इसलिए कल के कष्ट से बचने के लिए इस संकट काल में सरकार का साथ दें और एक जिम्मेदार व जागरूक नागरिक की भांति कोरोना से बचाव के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करें।
त्रिवेन्द्र सिंह रावत उन चुनिंदा नेताओं में शुमार है जो एक कदम आगे बढ़कर कोरोना के खिलाफ मैदान में रहकर जंग लड़ रहे हैं। उन्होंने कोरोना की इस महामारी से निपटने के लिए सीएम तीरथ रावत से अपने अनुभव भी साझा किये। जिस पर प्रदेश सरकार ने कुछ देर से ही सही, पर अमल करना भी शुरू कर दिया है।
कोरोना के बढ़ते मामलों के सामने देहरादून में मेडिकल सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही है। इसको देखते हुए पूर्व सीएम ने जिला प्रशासन से डेन्टल कालेज लालतप्पड़ और भारतभूमि होटल ऋषिकेश को कोविड सेंटर बनाने का अनुरोघ किया है। उनका कहना है कि इससे एक तरफ देहरादून पर दबाव कम होगा वहीं स्थानीय लोगों को अपने आस-पास ही कोविड-19 के संक्रमण का इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य डोईवाला हेतु 50 आक्सीजन सिलेण्ड की त्वरित आपूर्ति हेतु जिला प्रशासन से अनुरोध किया है।

