जाते-जाते भगतदा का रिकार्ड तोड़ गये तीरथ

जाते-जाते भगतदा का रिकार्ड तोड़ गये तीरथ

जाते-जाते भगतदा का रिकार्ड तोड़ गये तीरथ
देहरादून। सत्ता और सियासत में कब क्या हो जाए ये किसी को पता नहीं चलता। जो तीरथ सिंह रावत कल तलक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री थे, आज सियासत ने ऐसी करवट बदली की वे अब पूर्व सीएम हो गये हैं। लेकिन वे जाते-जाते बतौर मुख्यमंत्री वे कई रिकार्ड बना गये। अपने पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों के मामले में कई रिकार्ड ध्वस्त किये हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ऐसे पहले मुख्यमंत्री बन गए जो मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान विधानसभा के सदस्य नहीं रहे। अभी तक प्रदेश में सबसे कम कार्यकाल के सीएम रहने का रिकार्ड पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के नाम पर था। लेकिन तीरथ सिंह रावत यहां पर उनका रिकार्ड भी तोड़ गये। तीरथ प्रदेश के अभी तक के इकलौते सीएम है जिनके कार्यकाल के दौरान विधानसभा का एक भी सत्र नहीं हुआ। यानि की वे सीएम रहते विधान सभा का मुंह भी नहीं देख सके।

प्रदेश की भाजपा सरकार में हुए नेतृत्व परिवर्तन में हाईकमान ने त्रिवेन्द्र सिंह रावत को हटाकर तीरथ सिंह रावत को इसी साल 10 मार्च को सत्ता की बागडोर सौंपी और दो जुलाई को उनसे इस्तीफा ले लिया। इस तरह उनका मुख्यमंत्री के तौर पर कुल कार्यकाल 114 दिन का रहा। जोकि अब तक प्रदेश में सीएम का सबसे छोटा कार्यकाल है। इससे पहले प्रदेश की अंतरिम सरकार में भगतसिंह कोश्यारी का कार्यकाल 122 दिन रहा था। इस प्रकार तीरथ ने बतौर सीएम भगत सिंह कोश्यारी का ये रिकार्ड ध्वस्त कर दिया है।

प्रदेश में अभी तक सबसे ज्यादा समय राज करने का रिकार्ड कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नारायण तिवारी के नाम पर उनका कुल कार्यकाल पांच साल और पांच दिन का रहा है। वे प्रदेश के इकलौते मुख्यमंत्री रहे जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। कार्यकाल के दिवसों की बात करें तो दूसरे पायदान पर पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत हैं। जिन्होंने स्व० तिवारी के बाद ज्यादा समय यानि 3 साल 357 दिन दिनों तक प्रदेश की बागडोर संभाले रखी।

उत्तराखंड में कौन कितने समय के लिए सीएम रहा?
1. नित्यानंद स्वामीः 9 नवंबर 2000 से 29 अक्टूबर 2001 (354 दिन)

2. भगत सिंह कोश्यारीः 30 अक्टूबर 2001 से 1 मार्च 2002 (122 दिन)

3. नारायण दत्त तिवारीः 2 मार्च 2002 से 7 मार्च 2007 (5 साल 5 दिन)

4. भुवन चन्द्र खंडूड़ीः 7 मार्च 2007 से 26 जून 2009 (2 साल 111 दिन)

5. रमेश पोखरियाल निशंकः 27 जून 2009 से 10 सितंबर 2011 (2 साल 75 दिन)

6. भुवन चन्द्र खंडूड़ीः 11 सितंबर 2011 से 13 मार्च 2012 (184 दिन)

7. विजय बहुगुणाः 13 मार्च 2012 से 31 जनवरी 2014 (1 साल 324 दिन)

8. हरीश रावतः 1 फरवरी 2014 से 18 मार्च 2017 (3 साल 2 दिन) (राष्ट्रपति शासन के चलते 27 मार्च 2016 और 22 अप्रैल 2016 को क्रमशरू 1 और 19 दिनों के लिए 2 बार टैन्योर बाधित)
9. त्रिवेन्द्र सिंह रावतः 18 मार्च 2017 से 10 मार्च 2021 (3 साल 357 दिन)

10. तीरथ सिंह रावतः 10 मार्च 2021 से 2 जुलाई 2021 (114 दिन)

 

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