प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट महासंघ का धरना 14वें दिन भी जारी रहा

प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट महासंघ का धरना 14वें दिन भी जारी रहा

देहरादून। प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट महासंघ का धरना बुधवार को 14वें दिन भी जारी रहा। अब बेरोजगार फार्मासिस्टों के इस आंदोलन को दूसरे संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। मंगलवार को वेटनरी एसोसिएशन ने बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्टों की 14 सूत्री मांगों को जायज बताया और उन्हें अपना समर्थन दिया है। महासंघ ने कहा कि जब तक राज्य सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लेती तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

महासंघ के अध्यक्ष महादेव गौड़ ने बताया कि अभी तक सरकार की ओर से बेरोजगार फार्मासिस्टों की 14 सूत्री मांगों को लेकर टालमटोल का रवैया दिखाई दिया है। उन्हांेने बताया कि पहले सरकार की तरफ से कोई भी जिम्मेदार फार्मासिस्टों की 14 सूत्री मांगों को लेकर बातचीत करने को भी तैयार नहीं था लेकिन हमारे आंदोलन की ये बड़ी कामयाबी है कि सरकार में बैठे जिम्मेदार अब बातचीत के लिए सामने आ रहे हैं। कहा कि जब तक सरकार की तरफ से बेरोजगार फार्मासिस्टों की मांगों पर शासनादेश जारी नहीं कर दिया जाता तब तक उनका ये आंदोलन जारी रहेगा।

महासंघ के टिहरी ईकाई में मीडिया प्रभारी हरिप्रकाश सेनवाल ने बताया कि बेरोजगार फार्मासिस्ट अपनी जान जोखिम में डाल कर धरने पर बैठे हुए हैं। एकता बिहार धरना स्थल पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। महासंघ ने प्रशासन से धरना स्थल दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है। लेकिन अभी तक प्रशासन ने धरने के लिए कोई दूसरी जगह एलाट नहीं की है। उन्होंने कहा विगत दिनों धरना स्थल पर पानी भर गया था जिससे वहां धरने पर बैठे तीन फार्मासिस्ट बिजली के करंट से झुलस गये थे। उन्होंने कहा ऐसे में वहां किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है। लिहाजा प्रशासन धरना स्थल दूसरी जगह एलाट करें।

गौरतलब है कि प्रशिक्षित बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट महासंघ वर्ष 2005-06 में उपकेन्द्रो पर सृजित फार्मासिस्ट के 536 पर आइपीएचएस मानकों में शिथिलता प्रदान करते हुए यथावत रखने, रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने 600 उपकेन्द्रों पर संविदा के आधार पर की जा रही भर्ती के बजाय नियमित भर्ती करने, 1368 स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर फार्मासिस्ट के पद सृजित करने, राजकीय मेडिकल कालेजों में फार्मासिस्ट संवर्ग, पशु सेवा केन्द्रों एवं पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट के बजाय आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से दवा वितरण के प्रस्ताव पर रोक लगाने, सभी मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता, कारागार विभाग में फार्मासिस्ट की लिखित परीक्षा निरस्त करने, वन विभाग में फार्मासिस्ट के पदो का सृजन, प्रस्तावित भेषज सेवा नियमावली में संशोधन, फार्मासिस्ट संवर्ग का पुनगर्ठन की मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से एकता बिहार धरना पर है।

धरने देने वालों में महासंघ अध्यक्ष महादेव गौड़, मीडिया प्रभारी हरि प्रकाश सेनवाल, राकेश, नीरज, विनोद, अलीशा, निहारिका समेत बड़ी तादाद में बेरोजगार फार्मासिस्ट उपस्थित रहे।

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