नरेन्द्र सिंह की रिपोर्ट
कीर्तिनगर। राज्य और केन्द्र की सरकार सड़क से लेकर पेयजल को लेकर तमाम तमाम दावे कर रही हैं, लेकिन प्रदेश के गांव इन दावों के उलट अलग ही तस्वीर पेश करती है। मामला टिहरी गढ़वाल जिले के कपरौली गांव का है जहां पानी ढोते ग्रामीण सरकारी विकास के नारों को आईना दिखाते नजर आते हैं। इस गांव के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे है तथा गांव के प्राकृतिक जल स्रोत अपने लिए पीने के पानी का इंतजाम कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी नहीं है सरकारी नल सूखे पड़े हैं। प्राकृतिक जल स्रोत से पानी का इंतजाम करते है। पूरा दिन पानी की व्यवस्था में ही गुजर जाता है। कपरौली गांव के प्रधान सुनील कुमार बताते हैं गांव में कई दिनों पानी की सप्लाई ठप्प है। जल संस्थान कीर्तिनगर को शिकायत दर्ज करा चुके है लेकिन विभाग के मुलाजिमों हरकत में आने को तैयार नहीं है।
सरकार भले ही विकास के कितने दावे कर ले, कपरौली गांव इन दावों की पोल खोलता नजर आता है।

