देहरादून। सैन्टर आफ इण्डियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) एवं उत्तराखण्ड किसान सभा (एआईकेएस) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन कर अपर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमन्त्री तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में किसान विरोधी कानून वापस लेने तथा फसलों के लिए एमएसपी की गारन्टी कानून तथा किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने ,गृह राज्य मन्त्री टैनी के इस्तीफे तथा गिरफ्तारी तथा चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, श्रम कानूनों को लागू करने, निजीकरण की प्रक्रिया रोकने, बन्द पड़े उद्योगों को खोलने, स्कीम वर्करों, संविदा श्रमिकों को न्यूनतम वेतन देना, भोजनमाताओं को सम्माजनक वेतन देने के अलावा छात्र संघ चुनाव कराने तथा छूटे हुऐ आन्दोलकारियों को अविलम्ब घोषित करने आदि मांगें प्रमुख थी।
प्रदर्शन राजपुर रोड़, घण्टाघर से होता हुआ एस्लेहाल से सचिवालय पहुंचा तथा पुलिस के साथ धक्का मुक्की के बाद जन सभा में बदल गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ. जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने मोदी सरकार की श्रमिक तथा किसान विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की तथा मांग की अविलम्ब किसान ,मजदूर विरोधी कानून वापस लिऐ जाऐं। इस अवसर पर सीआईटीयू के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह नेगी, महामंत्री महेन्द्र जखमोला, मन्त्री लेखराज, किसान सभा के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सजवाण, महामंत्री गंगाधर नौटियाल ,कोषाध्यक्ष शिवप्रसा देवली, मन्त्री कमरूद्दीन, सीटू देहरादून के अध्यक्ष किशन गुनियाल, मदन मिश्रा जानकी चौहान, ईमरत, भगवन्त पयाल, किसान, श्रमिकों की समस्या को लेकर सीआईटीयू एवं किसान सभा ने राज्य सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन किया तथा पीएम व सीएम को ज्ञापन दिया।
