लक्षमोली-हडिमधार पेयजल स्कीम से जु़ड़े 90 गांवों को अब मिल सकेगा शुद्ध पानी

लक्षमोली-हडिमधार पेयजल स्कीम से जु़ड़े 90 गांवों को अब मिल सकेगा शुद्ध पानी

नरेन्द्र सिंह रिपोर्ट

कीर्तिनगर। लक्षमोली-हडिमधार पंपिंग पेयजल योजना के फिल्टर प्लांट, इंटेक वेल और अन्य कार्यों के लिए जल जीवन मिशन में 10 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी मिल गई है। फिल्टर प्लांट बनने से योजना से लाभान्वित होने वाले 90 गांवों के लोगों को अब पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सकेगा। योजना में व्याप्त कमियों के सुधारीकरण होने से अब बरसात के दौरान पेयजल योजना के ठप होने की दिक्कत भी नहीं रहेगी। 20-25 दिन के अंदर इसकी वित्तीय स्वीकृति भी दिला दी जाएगी। यह बात देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में कही।

देवप्रयाग विधायक कंडारी ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान अलकनंदा नदी में निर्मित लक्षमोली-हडिमधार पेयजल योजना के निर्माण में गड़बड़ी हुई थी। इसका इंटेक वेल इस प्रकार बनाया गया कि नदी का जल स्तर बढ़ने पर पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है। साथ ही पानी के फिल्टर की व्यवस्था के लिए ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनाया गया, जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा था। क्षेत्र की इस समस्या को देखते हुए उन्होंने जल संस्थान को सुधारीकरण के लिए स्टीमेटबनाने को कहा। साथ ही योजना से लाभान्वित गांवों के लोगों से भी संपर्क किया।

उन्होंने कहा कि कहा सबके सुझाव मिलने के बाद जल संस्थान के प्रस्ताव को चार माह पूर्व मुख्यालय भेजा गया। गत दिवस राज्य जल जीवन मिशन समिति की बैठक में प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। 10 करोड़ की लागत से नया इंटेक वेल, फिल्टर टैंक, 200 किलोलीटर का पेयजल टैंक सहित कुछ क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाई जाएगी। उन क्षेत्रों के लिए पृथक पाइप लाइन बिछाई जाएगी, जहां पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि 40 करोड़ रुपये की लागत के बजट की बागवान पंपिंग पेयजल योजना के द्वितीय फेज को भी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।

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