चमोलीः साफ्टवेयर को लेकर बैंक इम्लाइज और सहकारी बैंक प्रबंधन के बीच तकरार

चमोलीः साफ्टवेयर को लेकर बैंक इम्लाइज और सहकारी बैंक प्रबंधन के बीच तकरार

सौरभ गुसाई की रिपोर्ट

गोपेश्वर। चमोली जिला सहकारी बैंक में सॉफ्टवेयर बदलने का कर्मचारी संगठन ने कड़ा विरोध करते हुए आंदोलन का एलान किया है। कर्मचारी संगठन ने इस मामले में 13 दिसंबर से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि बैंक प्रबंधक ने अनुबंध वापस नहीं लिया तो वह 22 दिसंबर से कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे।
सूत्रों के मुताबिक एक ऐसे सॉफ्टवेयर को सहकारी बैंक प्रयोग में ला रहा है जोकि बहुत ही घटिया क्वालिटा का है। आखिर इसके पीछे क्या मंशा है ये भी समझने वाली बात है? आखिर किस सेटिंग गेटिंग के तहत मजबूत सॉफ्टवेयर की बजाय घटिया सॉफ्टवेयर कर्मचारियों पर लाद दिया गया है।

को-ऑपरेटिव बैंक इम्पलाईज यूनियन उत्तरांचल चमोली ईकाई का कहना है कि प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों में कोर बैंकिंग सॉल्यूसन सीबीएस फिनेकल से काम होता है। इसकी उच्च स्तरीय गुणवत्ता और संतोषजनक सेवाएं प्रदान करते हुए बैंक की प्रतिष्ठा और व्यवसाय में बृद्धि हुई है। अब इसकी जगह ऐसी कंपनी का सॉफ्टवेयर लाया जा रहा है जिसे बैंकिंग का कोई अनुभव नहीं है। देश के अधिकांश व्यावयायिक बैंकों में फिनेकल सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन सहकारी बैंक इसके उलट काम कर रहा है। कर्मचारी संगठन शुरू से ही इसका विरोध करते आए हैं।
कर्मचारी संगठनों के विरोध के चलते अप्रैल 2020 में प्रधान कार्यालय गोपेश्वर में बैंक प्रबंधक ने लिखित आश्वासन दिया था कि संगठन की सहमति के बिना टीसीआईएल कंपनी से अनुबंध नहीं किया जाएगा। लेकिन गुपचुप तरीके से टीसीआईएल, शीर्ष बैंक और चमोली जिला सहकारी बैंक के बीच सॉफ्टवेयर बदलने को लेकर बीते अक्तूबर में त्रिपक्षीय समझौता हो गया है।

विरोध में यूनियन ने आंदोलन का एलान करते हुए बैंक के अध्यक्ष और प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया है। अध्यक्ष नीरज हर्षपाल सिंह, मंत्री मुकेश पाठक, अमित शाह, गंगा सिंह, रोहित मारवाड़ी, शैलेंद्र सिंह, गौरव चंद्र, बृजभूषण, शशि, शैलेंद्र रतूड़ी सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि 13 और 14 दिसंबर को बांह पर काली पट्टी बांधी जाएगी। 15 व 16 दिसंबर को भोजनावकाश के बाद बैंक प्रबंधक के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया जाएगा और 15 दिसंबर से सरकार की ओर से प्रायोजित योजनाओं का ऋण वितरण बंद कर दिया जाएगा। 17 और 18 दिसंबर को बैंक प्रबंधक के निर्देशों का बहिष्कार कर कार्यबाधित किया जाएगा। 19 और 21 दिसंबर को क्रमिम अनशन के बाद 22 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल शुरू की जाएगी।

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